Friday, April 23, 2021

मछुआरे के हाथ लगी व्हेल की उल्टी, रातों-रात बना करोड़पति, कीमत सुन रह जाएंगे हैरान!

कई वैज्ञानिक इसे व्हेल की उल्टी बताते हैं, तो कई इसे मल कहते हैं, ये व्हेल के शरीर से निकलने वाला अपशिष्ट होता है, जो कि उसकी आंतों से निकलता है।

थाईलैंड में एक मछुआरा रातों-रात करोड़पति बन गया, किस्मत से मछुआरे को समुद्र के तट पर व्हेल की उल्टी मिल गई, आपको बता दें कि व्हेल की उल्टी बहुत कीमती होती है, नारिस नाम का मछुआरा व्हेल की उल्टी को मामूली चट्टान का टुकड़ा समझ रहा था, लेकिन उसकी कीमत 24 लाख पाउंड है, वैज्ञानिक भाषा में इसे एम्बरग्रीस कहा जाता है, इसका वजन करीब 100 किलो है, इसके साथ ही ये अब तक का पाया गया सबसे बड़ा एम्बरग्रीस का टुकड़ा है।

रेक्टम के जरिये व्हेल के शरीर से आता है बाहर
कई वैज्ञानिक इसे व्हेल की उल्टी बताते हैं, तो कई इसे मल कहते हैं, ये व्हेल के शरीर से निकलने वाला अपशिष्ट होता है, जो कि उसकी आंतों से निकलता है, वो इसे पचा नहीं पाती है, कई बार ये पदार्थ रेक्टम के जरिये बाहर आता है, लेकिन कभी-कभी पदार्थ बड़ा होने पर व्हेल इसे मुंह से उगल देती है।

एम्बरग्रीस का रंग काला होता है
एम्बरग्रीस व्हेल की आंतों से निकलने वाला स्लेटी या काले रंग का एक ठोस, मोम जैसा ज्वलनशील पदार्थ है, ये व्हेल के शरीर के अंदर उसकी रक्षा के लिये पैदा होता है, ताकि उसकी आंत को स्क्विड (एक समुद्री जीव) की तेज चोंच से बचाया जा सके। आमतौर पर व्हेल समुद्र तट से काफी दूर ही रहती है, ऐसे में उनके शरीर से निकले इस पदार्थ को समुद्र तट पर आने में कई साल लग जाते हैं, सूरज की रोशनी तथा नमकीन पानी के संपर्क के कारण ये अपशिष्ट चट्टान जैसी चिकनी, भूरी गांठ में बदल जाता है, जो मोम जैसा महसूस होता है, इसमें बिना गंध का एल्कोहॉल मौजूद होता है, जिसका इस्तेमाल परफ्यूम की गंध को लंबे समय तक बरकरार रखने के लिये किया जाता है, थाइलैंड के नारिस सुवानसांग को समुद्र तट के पास ये टुकड़ा मिला था, वो इसे घर लेकर गये और स्टडी किया तो कुछ और ही पता चला।

करोड़ों की कीमत
नारिस ने बताया कि उनसे एक व्यापारी ने वादा किया है कि अगर एम्बग्रीस की क्वालिटी बेहतर निकली, तो इसके लिये उन्हें 23,740 पाउंड प्रति किलो की कीमत दी जाए, नारिस फिलहाल स्पेशलिस्ट का इंतजार कर रहे हैं, जो इसका सही-सही मूल्यांकन करेंगे, वो पुलिस को भी इसके बारे में जानकारी देंगे, क्योंकि इसके चोरी का खतरा भी बढ गया है।

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