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तालिबान ने अफगानिस्तान के 33 प्रांतों पर कब्जा कर लिया है, सिर्फ एक पंजशीर ही ऐसा है, जहां तालिबान की सत्ता नहीं है।

अफगानिस्तान के काबुल एयरपोर्ट तथा पंजशीर घाटी को छोड़कर सभी जगह तालिबान का कब्जा है, अब तालिबान पंजशीर पर बड़े हमले की फिराक में है, तालिबान के लड़ाके भारी हथियारों के साथ पंजशीर पर हमला करने पहुंच गये हैं, तालिबान ने चेतावनी दी है, कि अगर शांतिपूर्ण तरीके से अहमद मसूद की सेनाएं सरेंडर नहीं करेंगी, तो उन पर हमला किया जाएगा, हालांकि अहमद मसूद ने सरेंडर करने से साफ इंकार कर दिया है और जंग की चुनौती दी है, इस बीच टोलो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से साफ इंकार कर दिया है और जंग की चुनौती दी है, इस बीच टोलो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि पंजशीर के लड़ाकों ने तालिबान पर रास्ते में घात लगाकर हमला किया, इस हमले में तालिबान के 300 लड़ाकों को मार दिया गया है।

33 प्रांतों पर कब्जा
तालिबान ने अफगानिस्तान के 33 प्रांतों पर कब्जा कर लिया है, सिर्फ एक पंजशीर ही ऐसा है, जहां तालिबान की सत्ता नहीं है, taliban5 पंजशीर से सटे बगलान प्रांत के अंदराब जिले में बीती रात बड़ी तादात में तालिबानी लड़ाकों ने हमला किया था, यहां कई लोगों के मारे जाने की खबर है, हमले को देखते हुए बगलान के देह-ए-सलाह जिले में विद्रोही लड़ाकों ने जुटना शुरु कर दिया है।

कड़ी टक्कर दे रहे
पंजशीर में अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद और खुद को अफगानिस्तान का केयरटेकर राष्ट्रपति घोषित कर चुके अमरुल्लाह सालेह तालिबान को कड़ी टक्कर दे रहे हैं, इकलौता प्रांत पंजशीर ही है, जहां तालिबान के खिलाफ नया नेतृत्व बन रहा है, जो तालिबान की सत्ता को मानने से इंकार कर रहा है।

हमेशा लड़ते रहे हैं
अमहद मसूद के पिता अहमद शाह मसूद भी तालिबान से हमेशा लड़ते रहे हैं, उन्होने तो अफगानिस्तान से सोवियत संघ को भी बाहर करने में अहम भूमिका निभाई थी, अहमद शाह मसूद की हत्या साल 2001 में तालिबान और अलकायदा के लड़ाकों ने की थी। पंजशीर के लोगों का कहना है कि Taliban वो तालिबानी ताकतों के खिलाफ डटकर मुकाबला करेंगे, यहां के लोगों को तालिबान से खौफ नहीं है। पंजशीर घाटी की आबादी सिर्फ 2 लाख है, काबुल के उत्तर में ये इलाका सिर्फ 150 किमी दूर है।

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