7 साल बाद यहां है निर्भया के साथ सबसे ज्यादा क्रूरता करने वाला 6ठां दोषी, ऐसे काट रहा जिंदगी

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निर्भया के दोषियों में से यही एक मात्र शख्स है, जिसका चेहरा देश की जनता से छुपा हुआ है, अब ये नाबालिग 24 साल का हो चुका है।

सात साल पहले दिल्ली की सड़कों पर चलती बस में निर्भया के साथ खौफनाक वारदात को अंजाम देने वाले 6 दरिंदों में मुख्य आरोपी राम सिंह ने आत्महत्या कर ली, जबकि चार को फांसी की सजा हो चुकी है, ये चारों तिहाड़ जेल में बंद अपने आखिरी दिन गिन रहे हैं, इसमें एक आरोपी नाबालिग था, जो उस काली रात में निर्भया के साथ सबसे ज्यादा क्रूरता की थी, उस वारदात के कुछ महीन बाद ही वो 18 साल का हो जाता, लेकिन कानूनी रुप से वारदात के समय नाबालिग होने की वजह से कोर्ट ने उसे सजा देने के बजाय बाल सुधार गृह भेज दिया।

अब 24 का हो चुका है
देश की जनता ने कोर्ट के फैसले को दिल पर पत्थर रख कर स्वीकार किया था, घटना के बाद नाबालिगों की उम्र 18 से घटाकर 16 कर दी गई है, निर्भया के दोषियों में से यही एक मात्र शख्स है, जिसका चेहरा देश की जनता से छुपा हुआ है, अब ये नाबालिग 24 साल का हो चुका है, कुछ महीने बाल सुधार गृह में गुजारने के बाद उसे दिसंबर 2016 में मुक्त कर दिया गया, फिलहाल वो साउथ इंडिया के किसी राज्य में कुक का काम करता है, उसे दिल्ली में प्रेक्षणगृह में खाना पकाने का काम सीखा था।

नये नाम से जी रहा
एक एनजीओ के अधिकारी ने बताया कि नाबालिग दोषी ने अपनी पहचान और पुरानी जिंदगी की असलियत को छुपाने के लिये दिल्ली से दूर साउथ इंडिया चला गया है, ताकि लोगों को पता ना लग सके और फिर से वो नई जिंदगी की शुरुआत कर सके, जहां वो काम करता है, वहां किसी को भी उसके वास्तविक नाम या पिछली जिंदगी के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है।

पैसे मांगने पहुंचा था
शायद आपको जानकर हैरानी होगी, कि इस वारदात में शामिल नाबालिग बस ड्राइवर राम सिंह के लिये काम करता था, राम सिंह पर उसके 8 हजार रुपये बकाया थे, वो वारदात वाली रात भी पैसे के लिये ही पहुंचा था, और इस जघन्य अपराध का हिस्सा हो गया, रिपोर्ट के अनुसार निर्भया के साथ सबसे ज्यादा क्रूरता इसी नाबालिग ने की थी।

11 साल की उम्र में घर से भागा था
इस वारदात से पहले नाबालिग दिल्ली से 240 किमी दूर यूपी के एक गांव में रहता था, सिर्फ 11 साल की उम्र में घर से भागकर दिल्ली चला आया, दिल्ली आते ही उसकी मुलाकात राम सिंह से हुई, जिसने उसे बस की सफाई के लिये काम पर रख लिया, यहीं से उसकी नौकरी शुरु हो गई, राम सिंह ने निर्भया कांड के बाद तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी थी।

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