Jaya Kishori

जया किशोरी कई साक्षात्कार में खुद ये कह चुकी हैं, कि वो साध्वी नहीं हैं, इसलिये उन्हें साध्वी ना कहा जाए, उनका कहना है कि दूसरी युवतियों की तरह ही वो एक सामान्य लड़की हैं।

प्रसिद्ध कथावाचिका जया किशोरी किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं, वो अपनी नानी बाई रो मायरा तथा श्री भागवत कथा में वाचन शैली के लिये पसंद की जाती हैं, कम उम्र में ही काफी वाहवाही बटोरने वाली जया युवाओं को लाइफ मैनेजमेंट तथा सफलता पाने के गुर भी बताती हैं, इसी वजह से श्रद्धालु उन्हें साध्वी कहकर बुलाने लगे थे, हालांकि ये उन्हें बिल्कुल भी पसंद नहीं है, वो कहती हैं कि कोई भी उन्हें साध्वी ना कहें, आइये इसके पीछे का कारण आपको बताते हैं।

साध्वी ना कहें
जया किशोरी कई साक्षात्कार में खुद ये कह चुकी हैं, कि वो साध्वी नहीं हैं, इसलिये उन्हें साध्वी ना कहा जाए, उनका कहना है कि दूसरी युवतियों की तरह ही वो एक सामान्य लड़की हैं, वो आगे कहती हैं कि उन्होने भगवान कृष्ण को अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया है, यही कारण है कि वो अपने श्याम की भक्ति में सराबोर रहती हैं, साथ ही इस कोशिश में रहती हैं कि समाज के अन्य तबकों को भी कान्हा के गुणों तथा ज्ञान का प्रचार-प्रसार कर सकें, इसलिये वो कथावाचन तथा भजन गाती हैं।

शादी से नहीं है इंकार
जया खुद को एक सामान्य युवती मानती हैं, इसके साथ ही वो ये भी कहती हैं कि जिस तरह दूसरी लड़कियां अपना जीवन व्यतीत करती हैं, उसी तरह वो भी रहती हैं, इतना ही नहीं शादी के सवाल से भी जया मना नहीं करती हैं,  किशोरी जी के मुताबिक जिस तरह दूसरी लड़कियों की शादी होती है, वैसे ही समय आने पर वो भी अपने घर वालों की मर्जी से शादी करेंगी, तथा गृहस्थ जीवन बिताएंगी।

खाली समय में क्या करती हैं
एक इंटरव्यू में जया किशोरी जी ने बताया था कि खाली समय में भी वो अपने ईश्वर में रमे रहना ही पसंद करती हैं, इस दौरान कुछ कथाएं, भजन, प्रसंग, तथा सत्संग सुनना पसंद करती हैं, इसके अलावा सात्विक भोजन बनाना भी उन्हें पसंद है, जब कभी उन्हें कुछ समय मिलता है, तो वो किताबें पढना भी खूब पसंद करती हैं।

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