Javed farogi

फोरोगी 41 साल के हैं, उन्होने शनिवार को 244.5 अंक के ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता है, इस स्पर्धा में भारत की ओर से सौरभ चौधरी भी उतरे थे।

पूरी दुनिया के लिये पिछला कुछ समय काफी मुश्किल भरा रहा है, हर कोई कोरोना महामारी से लड़ रहा है, इस महामारी ने लाखों लोगों की जान ले ली, लोगों को घरों में कैद कर दिया, कोरोना के कारण टोक्यो ओलंपिक को भी 2020 से 2021 में कर दिया गया, हालांकि इस बीच ज्यादातर खिलाड़ी सख्त प्रोटोकॉल के बीच ओलंपिक की तैयारियों में जुटे हुए थे।

लोगों की सेवा
वहीं एक निशानेबाज टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों को छोड़ लोगों की कोरोना से जान बचाने में जुटा हुआ था, लेकिन अब इस निशानेबाज ने कमाल करते हुए गोल्ड मेडल जीता है, ईरान के 10 मीटर एयर पिस्टल के ओलंपिक चैंपियन जावेद फोरोगी खुद को देश का सैनिक बताते हैं, क्योंकि कोरोना के दौरान जब अन्य निशानेबाज ओलंपिक की तैयारियों में जुटे थे, तो वो अस्पताल में नर्स की अपनी भूमिका में बिजी थे।

ईरान के पहले चैंपियन
फोरोगी 41 साल के हैं, उन्होने शनिवार को 244.5 अंक के ओलंपिक रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता है, इस स्पर्धा में भारत की ओर से सौरभ चौधरी भी उतरे थे, लेकिन क्वालीफिकेशन में शीर्ष पर रहने के बाद फाइनल में सातवें स्थान पर रहे, फोरोगी ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि मैं पिस्टल और राइफल में ईरान का पहला चैंपियन हूं।

पहला पदक
ईरान ने इससे पहले कभी ओलंपिक में पदक नहीं जीता था, यहां तक कि कांस्य भी नहीं मिला था, मैंने स्वर्ण पदक जीता है, उन्होने कहा मैं बेहद खुश हूं, मैंने देश के सैनिक के तौर पर अच्छा काम किया, फोरोगी ने कहा मैं नर्स हूं और अस्पताल में काम करता हूं, खासकर कोरोना महामारी के दौरान मैंने अस्पताल में काम किया, पिछले साल भी मैं संक्रमित हो गया था, क्योंकि मैं अस्पताल में काम कर रहा था, बीमारी से उबरने के बाद मैंने प्रैक्टिस शुरु किया था।

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