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राजस्थान में वसुंधरा सरकार के कार्यकाल में आईपीएस पंकज चौधरी को बर्खास्त करने की सिफारिश की गई थी, प्रदेश सरकार की सिफारिश को केन्द्र ने तब मंजूर कर लिया था।

राजस्थान कैडर के चर्चित आईपीएस अधिकारी पंकज चौधरी एक बार फिर सुर्खियों में हैं, बिना तलाक दूसरी शादी करने के मामले में मार्च 2019 में बर्खास्त पंकज चौधरी को अब बहाल कर दिया गया है, देर रात केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बहाल करने के आदेश के बाद पंकज को राजस्थान सरकार ने ज्वाइनिंग दे दी है। ये जानकारी पंकज की पत्नी मुकुल चौधरी ने सोशल मीडिया के जरिये दी है।

बीजेपी सरकार में सिफारिश, कांग्रेस राज में हटाया
राजस्थान में वसुंधरा सरकार के कार्यकाल में आईपीएस पंकज चौधरी को बर्खास्त करने की सिफारिश की गई थी, प्रदेश सरकार की सिफारिश को केन्द्र ने तब मंजूर कर लिया था, फिर सत्ता बदलने के बाद अशोक गहलोत सरकार के कार्यकाल में उन्हें सेवा से हटाया गया था। इसके बाद पंकज ने कैट में इस फैसले को चुनौती दी थी, कैट ने पंकज चौधरी की सेवा समाप्त करने को गलत माना था, कैट के आदेश को लेकर लगातार पंकज चौधरी राज्य सरकार के सामने अपना प्रजेंटेशन देकर अपना पक्ष रख रहे थे।

राजनीति की राह पकड़ ली
पुलिस सेवा से बर्खास्त होने के बाद पंकज चौधरी ने राजनीति की राह पकड़ ली थी, उन्होने अपनी कर्मभूमि बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा सीट से बसपा के टिकट पर भाग्य आजमाने की कोशिश की, लेकिन नामांकन पत्र में सेवा से बर्खास्तगी के संबंध में निर्वाचन विभाग से सर्टिफिकेट नहीं लगाये जाने के कारण उनका नामांकन पत्र निरस्त हो गया, बसपा ने ही उनकी पत्नी मुकुल चौधरी को जोधपुर लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में इतारा था, उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा।

पहली शादी
पंकज चौधरी ने पहली शादी सुधा गुप्ता से की थी, सुधा और पंकज की शादी 4 दिसंबर 2005 को वाराणसी में हुआ था, तब पंकज मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स में ऑडिटर के पद पर तैनात थे, इसी दौरान उनकी बेटी का जन्म हुआ, फिर 2008 में पंकज का चयन भारतीय पुलिस सेवा में हो गया, 2009 में उन्हें राजस्थान कैडर प्राप्त हुआ। फिर उन्होने मुकुल चौधरी से शादी कर ली।

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