खुफिया एजेंसियों का अलर्ट! कोरोना वैक्सीन पर चीन पर नजर, अमेरिका ने लिया बड़ा फैसला

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सुरक्षा एजेंसियां एफबीआई और डीएचएस के साइबर आर्म सीआईएसए ने कहा कि अमेरिका के जिन संस्थानों में कोरोना से जुड़ी रिसर्च हो रही है, उनके डेटा पर चीन की नजर है।

अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियां डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी, एफबीआई और खुफिया एजेंसी सीआईए ने बुधवार को उन सभी देशों के लिये एक अलर्ट जारी किया है, जहां कोरोना की वैक्सीन तैयार करने के लिये रिसर्च जारी है, इस अलर्ट के अनुसार चीन की नजर उन सभी जगहों पर है, जहां कोरोना वैक्सीन को लेकतर रिसर्च जारी है, चीन डेटा चुराने की कोशिश कर रहा है।

सतर्क रहने की जरुरत है
सुरक्षा एजेंसी की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि अमेरिकी रिसर्च संस्थानों में कोरोना को लेकर की जा रही रिसर्च से जुड़ा डेटा चीन साइबर अटैक के जरिये चुराने की कोशिश कर रहा है, अन्य देश जो इस तरह की रिसर्च कर रहे हैं, उनके यहां भी ऐसी शिकायतें मिल रही है, बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार एजेंसी ने कहा कि ये एक गंभीर मामला है, सभी को सतर्क रहने की जरुरत है, अमेरिका पहले भी चीन पर आरोप लगा चुका है, कि चीन कोरोना की महामारी का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है, वो कोविड-19 पर हो रही रिसर्च में साइबर जासूसी कर सेंध लगाने की कोशिश कर रहा है, हालांकि चीन के सबूत मांगने पर अमेरिका ने फिलहाल कुछ भी नहीं दिया है।

डेटा पर चीन की नजर
सुरक्षा एजेंसियां एफबीआई और डीएचएस के साइबर आर्म सीआईएसए ने कहा कि अमेरिका के जिन संस्थानों में कोरोना से जुड़ी रिसर्च हो रही है, उनके डेटा पर चीन की नजर है, हेल्थकेयर, फार्मास्युटिकल और रिसर्च सेक्टर में कोरोना पर दिन-रात काम चल रहा है, लेकिन उन्हें पता होना चाहिये कि इन रिसर्च पर चीन की नजर है, जो साइबर अटैक के जरिये चोरी कर सकता है, बुधवार को अमेरिका की ओर से जारी चेतावनी के बाद एक बार फिर से दोनों देशों के बीच तल्ख रिश्ते में और कड़वाहट आ गई है, ट्रंप प्रशासन पहले से ही चीन पर आरोप लगा रहा है कि उसने कोरोना के मामले में सूचनाओं को छुपाया है, पारदर्शिता नहीं बरती है।

चीन पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी
बुधवार को 9 प्रभावशाली सीनेटरों के एक समूह ने अमेरिकी संसद में एक विधेयक पेश किया, जिसमें कहा गया कि यदि चीन कोरोना संक्रमण के फैलने के पीछे की वजहों को पूरी जानकारी मुहैया नहीं कराता है, trump coronavirus medicine और इसे काबू करने में सहयोग नहीं देता है, तो अमेरिका के राष्ट्रपति को चीन पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति दी जानी चाहिये, कोरोना जवाबदेही अधिनियम विधेयक को सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया है, साथ ही 8 अन्य सदस्यों ने इसका साथ दिया है, इस विधेयक में कहा गया है कि राष्ट्रपति 60 दिनों के भीतर ये प्रमाणित करें, कि चीन ने अमेरिका, उसके सहयोगियों या डब्लयूएचओ जैसी संयुक्त राष्ट्र से संबंद्ध संस्थाओं के अगुवाई वाली कोविड-19 संबंधी जांच के लिये पूर्ण जानकारी मुहैया कराई है, उसने मांसाहारी वस्तुओं की बिक्री करने वाले उन सभी बाजारों को बंद कर दिया था, जिनसे जानवरों से मनुष्यों में कोई संक्रमण फैलने का खतरा था।