यशस्वी जायसवाल ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि ज्वाला सर (यशस्वी के कोच) ने मुझे कहा था कि आपको वहां से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार लाना है।

अंडर 19 विश्वकप के हीरो यशस्वी जायसवाल ने अपनी कामयाबी के राज को उजागर किया है, यशस्वी ने कहा कि एस्ट्रो टर्फ पिचों में अभ्यास करने से उन्हें दक्षिण अफ्रीका की उछाल भरी पिचों पर अच्छा खेलने में काफी मदद मिली, यशस्वी ने विश्वकप की 6 पारियों में 400 रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे, पाकिस्तान के खिलाफ उन्होने नाबाद शतकीय पारी खेली थी।

कोच ने दिया था ये टारगेट
यशस्वी जायसवाल ने पीटीआई से बात करते हुए कहा कि ज्वाला सर (यशस्वी के कोच) ने मुझे कहा था कि आपको वहां से सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी का पुरस्कार लाना है, हमने उछाल भरी पिचों पर बल्लेबाजी करने का खूब प्रैक्टिस किया था, हमने शॉर्ट गेंद खेलने का भी खूब अभ्यास किया था।

कोच के नाम पुरस्कार
प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब जीतने के बाद यशस्वी ने कहा कि मैं इसे अपने कोच के नाम करता हूं, 18 वर्षीय बल्लेबाज ने कहा कि मैं शॉर्ट गेंद को या तो खेल रहा था या फिर छोड़ रहा था, एस्टॅो ट्रफ पर वैसा ही उछाल होता है, जैसा यहां की पिचों पर, इसलिये मैंने एस्ट्रो टर्फ पिचों पर बल्लेबाजी का अभ्यास किया, जिसका फायदा मिला।

कैसे बल्लेबाजी करना है
आने वाले समय में बड़े खिलाड़ी के तौर पर देखे जा रहे यशस्वी जायसवाल ने कहा कि टूर्नामेंट के दौरान उन्होने ये सीखा कि दबाव भरे क्षणों में कैसे बल्लेबाजी करनी है, उन्होने कहा कि अलग-अलग देशों के खिलाफ खेलने का अनुभव शानदार रहा, यहां कि पिचें काफी अलग तरह की थी, मैंने मैच के साथ-साथ नेट प्रैक्टिस के दौरान भी बल्लेबाजी का भरपूर लुत्फ उठाया।

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