विराट कोहली ने कहा कि पिछले 8 सालों से मैं साल में 300 दिन खेल रहा हूं, जिसमें ट्रेवल और प्रैक्टिस सेशन भी शामिल है।

दुनियाभर के तमाम क्रिकेटर्स ज्यादा क्रिकेट की शिकायत कर रहे हैं, यहां तक कि टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली भी ज्यादा क्रिकेट पर अपनी बात रख चुके हैं, विराट और केन विलियमसन ऐसे कप्तान हैं, जो तीनों प्रारुप में टीम की कप्तानी करते हैं, इस वजह से इन पर कुछ ज्यादा ही दबाव रहता है, इसके साथ ही आईपीएल की वजह से भी इनका आराम करना मुश्किल हो जाता है, हालांकि अपने करियर को लंबा खींचने के लिये वर्कलोड को व्यस्थित करने के लिये दुनियाभर के क्रिकेटर्स अलग-अलग कदम उठा रहे हैं।

एक फॉर्मेट छोड़ सकते हैं
हाल ही में ऑस्ट्रेलियाई धाकड़ बल्लेबाज डेविड वॉर्नर ने कहा कि वो 2020 टी-20 विश्वकप के बाद शायद इस फॉर्मेट को अलविदा कह सकते हैं, भारतीय कप्तान विराट कोहली पर भी जबरदस्त वर्कलोड बढ रहा है, किसी एक प्रारुप को छोड़ने को लेकर उनसे सवाल पूछा गया, तो उन्होने स्पष्ट जवाब सुना दिया।

आने वाली चुनौतियों पर पूरा ध्यान
शुक्रवार से पहला टेस्ट मैच खेला जाना है, उससे पहले बुधवार को विराट कोहली प्रेस कांफ्रेंस के लिये आये, जिसमें उनसे पूछा गया कि क्या टी-20 विश्वकप के बाद वो किसी एक प्रारुप को छोड़ने पर विचार कर सकते हैं, तो इस पर विराट ने स्पष्ट कहा कि वो खुद को अगले कठिन 3 साल के लिये तैयार कर रहे हैं, उनकी बात से साफ है कि फिलहाल वो किसी भी प्रारुप को छोड़ने के मूड में नहीं हैं, विराट ने कहा कि वो संन्यास पर विचार करने के बजाय खुद को तीन सालों के लिये तैयार करने पर फोकस कर रहे हैं।

35 के बाद फैसला
कप्तान ने स्वीकार किया कि थकान और वर्कलोड मैनेजमेंट के मामले पर चर्चा की आवश्यकता है, हालांकि उन्होने इस पर कुछ और नहीं कहा, विराट कोहली ने कहा कि पिछले 8 सालों से मैं साल में 300 दिन खेल रहा हूं, जिसमें ट्रेवल और प्रैक्टिस सेशन भी शामिल है, जब आप 34-35 के हो जाते हैं, तो शरीर ज्यादा बोझ नहीं संभाल पाता, तब इस पर बात होनी चाहिये, फिलहाल अगले तीन साल मुझे तीनों प्रारुप खेलने में कोई परेशानी नहीं है।

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