विराट कोहली का सबसे अजीबोगरीब फैसला साहा की जगह पंत को मौका देने का रहा, वो भी अटपटे तर्क के साथ।

पहले बांग्लादेश, फिर वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका को हराकर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में बेहतरीन शुरुआत करने वाली टीम इंडिया का न्यूजीलैंड में सफाया हो गया, दुनिया की नंबर वन टेस्ट टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्टों में बुरी तरह हारी, 4 पारियों में सिर्फ एक बार 200 का आंकड़ा छू पाई, वेलिंग्टन में तीन दिन में हारने के बाद दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया ढाई दिन में ही हार गई, इस हार के कई कारण हैं, जिसमें एक बड़ी वजह कप्तान विराट कोहली की जिद भी है, जिसकी वजह से टीम को वनडे और टेस्ट सीरीज में शर्मिंदा होना पड़ा।

साहा की जगह पंत
विराट कोहली का सबसे अजीबोगरीब फैसला साहा की जगह पंत को मौका देने का रहा, वो भी अटपटे तर्क के साथ, विराट ने कहा खा कि साहा की विकेटकीपिंग भारत में अच्छी है, लेकिन विदेश जमीन पर ऋषभ की बल्लेबाजी को तरजीह दी जा रही है, इस बात में कोई शक नहीं हैं कि ऋद्धिमान साहा ऋषभ से अच्छे विकेटकीपर हैं, ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या तकनीकी रुप से पंत साहा से अच्छे बल्लेबाज हैं, इसका भी जवाब ना है, क्योंकि पंत भले बड़े-बड़े हिट्स लगा सकते हैं, लेकिन तकनीकी रुप से साहा अच्छे बल्लेबाज माने जाते हैं।

प्लेइंग इलेवन में कंफ्यूजन
इस बात में रत्ती भर भी शक नहीं है कि विराट कोहली दुनिया के सबसे बेहतरीन बल्लेबाज हैं, लेकिन क्या वो चतुर कप्तान हैं, क्योंकि उन्होने प्लेइंग इलेवन को लेकर कई बार अजीब फैसले लिये, उन्होने तकनीकी रुप से सशक्त माने जाने वाले शुभमन गिल की जगह पृथ्वी शॉ को मौका दिया, फिर अश्विन के बतौर बल्लेबाज रन नहीं बनाने पर दूसरे टेस्ट से उन्हें बाहर कर दिया। जिसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।

पुजारा का आत्मविश्वास तोड़ा
कप्तान को हमेशा अपने खिलाड़ियों के साथ खड़े होना चाहिये, लेकिन विराट कोहली ने ऐसा नहीं किया, पहले टेस्ट में चेतेश्वर पुजारा किवी गेंदबाजी आक्रमण का डटकर सामना कर रहे थे, लेकिन वो तेजी से रन नहीं बना सके, जिसकी वजह से विराट ने सार्वजनिक रुप से उनकी धीमी बल्लेबाजी पर निशाना साधा, ऐसे में सवाल ये उठता है कि टेस्ट में कैसे बल्लेबाज चाहिये, तो क्रीज पर समय बिताये या फिर तेजी से रन जुटाये, पुजारा को धीमी शैली का बल्लेबाज माना जाता है।

इशांत के करियर से खिलवाड़
तेज गेंदबाज इशांत शर्मा को रणजी ट्रॉफी खेलते हुए चोट लग गई थी, विशेषज्ञों ने उन्हें 6 हफ्ते आराम की सलाह दी थी, लेकिन उन्हें न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज का हिस्सा बनाया गया, अनफिट खिलाड़ियों के साथ मैदान पर उतरकर कप्तान किसका भला करना चाह रहे थे, कम से कम खिलाड़ी और टीम का तो बिल्कुल भी नहीं।

जबरदस्ती की आक्रामकता
विराट की गिनती दुनिया के सबसे आक्रामक क्रिकेटरों में होती है, वो मैदान पर जरुरत से ज्यादा उत्साह में दिखते हैं,  लेकिन कई बार आक्रामकता के बजाय आपको धैर्य की जरुरत पड़ती है, लेकिन इस उम्मीद पर खरे उतरने में विराट नाकामयाब रहे, जब क्रीज पर उन्हें टिककर खेलने की जरुरत थी, तो उन्होने गलती की, नतीजा टीम को भुगतना पड़ा।

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