कंडक्टर के बेटे के पास इतिहास रचने का मौका, IPL ऑक्शन से ये कह कर किया गया था बाहर

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अथर्व की मां वैदेही ने कहा कि ये मैच उनके बेटे के लिये टर्निंग प्वाइंट हो सकता है, अगर ये मुकाबला भारतीय टीम जीतती है, और उनका बेटा अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो फिर उन्हें भविष्य में कई मौके मिलेंगे।

अंडर 19 विश्वकप का फाइनल आज टीम इंडिया और बांग्लादेश के बीच खेला जाएगा, दोनों टीमें विश्व चैंपियन बनने से महज एक कदम दूर खड़ी है, भारत की जूनियर टीम के खिलाड़ियों के लिये ये टर्निंग प्वाइंट साबित हो सकता है, क्योंकि इस जीत के बाद उनके करियर के लिये रास्ते खुल जाएंगे, टीम के ऑलराउंडर अथर्व अंकोलेकर के लिये ये एक यादगार मैच हो सकता है, क्योंकि उन्हें पता है कि इस मैच के बाद वो बड़े खिलाड़ी हो सकते हैं, यानी इसके बाद उन्हें नई पहचान मिल जाएगी, फिर उन्हें आईपीएल से बाहर नहीं किया जाएगा।

आईपीएल से बाहर
दरअसल दिसंबर में हुए आईपीएल ऑक्शन के लिये 971 खिलाड़ियों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें एक नाम अथर्व का भी था, उन्हें उम्मीद थी कि कोई ना कोई फ्रेंचाइजी उनके नाम में दिलचस्पी दिखाएगी, जिसके बाद वो अपनी मां को नौकरी छोड़ने के लिये कह सकते हैं, जो बस में कंडक्टर का काम करती हैं, हालांकि उनका सपना तब टूट गया, जब तकनीकी वजह से उनका नाम ऑक्शन की शॉर्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया, क्योंकि उन्होने लिस्ट ए मैच नहीं खेला था।

चुनौती के लिये तैयार
19 वर्षीय अथर्व के पास दूसरा कोई विकल्प नहीं था, हालांकि इस बार उनके पास अपनी जिंदगी बदलने का मौका है, जो अंडर 19 विश्वकप के फाइनल में उन्हें मिलेगा, चोट की वजह से उन्होने इस टूर्नामेंट में आगाज देर से किया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में उन्होने अपनी प्रतिभा और क्षमता दिखा दिया, इस मुकाबले में टीम इंडिया मुश्किल में थी, तो पहले उन्होने बल्ले से कमाल करते हुए शानदार अर्धशतक लगाया, फिर किफायती गेंदबाजी करते हुए अपना लोहा मनवाया।

बढेगा आत्मविश्वास
एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए अथर्व की मां वैदेही ने कहा कि ये मैच उनके बेटे के लिये टर्निंग प्वाइंट हो सकता है, अगर ये मुकाबला भारतीय टीम जीतती है, और उनका बेटा अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो फिर उन्हें भविष्य में कई मौके मिलेंगे, साथ ही उनका आत्मविश्वास भी बढेगा, उन्होने बताया कि आईपीएल नीलामी में नहीं चुने जाने से बेटे को थोड़ी निराशा हुई थी, लेकिन आईपीएल तो हर साल आता है, अंडर 19 विश्वकप में खेलने का मौका जिंदगी में एक बार मिलता है, अथर्व ने कम उम्र में ही अपने पिता को खो दिया, उनकी मां परिवार की जिम्मेदारी संभालती हैं, वो सरकारी बस में कंडक्टर का काम करती हैं।

मां को आराम देना चाहते हैं अथर्व
अथर्व की मां ने बताया कि उनका बेटा चाहता है कि मैं अब नौकरी छोड़ दूं, थोड़े से पैसे के लिये इतनी मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन मैं कोई जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहती, क्योंकि अथर्व की कमाई टूर्नामेंट पर निर्भर है, जब तक वो खुद आत्मनिर्भर नहीं हो जाता, तब तक मैं नौकरी करना जारी रखना चाहती हूं।

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