तेज गेंदबाज ने 17 साल की उम्र में कूच बेहार ट्रॉफी में शानदार गेंदबाजी की, जिसके बाद उन्हें यूपी रणजी टीम में मौका मिला।

आईसीसी विश्वकप अंडर 19 दक्षिण अफ्रीका में जारी है, टीम इंडिया ने धमाल मचाते हुए तीन बार के विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 74 रनों से हराया है, इसके साथ ही कंगारु टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई, तो प्रियम गर्ग की कप्तानी वाली टीम इंडिया सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है, इस जीत के हीरो रहे तेज गेंदबाज कार्तिक त्यागी की खूब चर्चा हो रही है, जिन्होने ऑस्ट्रेलिया के चार बल्लेबाजों को आउट किया।

खेतों में करते थे काम
कार्तिक त्यागी के लिये बोरे ढोने वाले मजदूर से जूनियर इंटरनेशनल क्रिकेट तक का सफर आसान नहीं रहा है, कार्तिक एक लोअर मिडिल क्लास किसान परिवार से आते हैं, उन्हें क्रिकेट की ट्रेनिंग दिलाने के लिये पिता योगेन्द्र त्यागी ने कई परेशानियों को झेला, एक समय तो कार्तिक पिता की मदद के लिये खेतों में जाते थे, हालांकि इन संघर्षों के बावजूद उन्होने एक बात ठान रखी थी कि क्रिकेटर बनना है।

करियर का टर्निंग प्वाइंट
तेज गेंदबाज ने 17 साल की उम्र में कूच बेहार ट्रॉफी में शानदार गेंदबाजी की, जिसके बाद उन्हें यूपी रणजी टीम में मौका मिला, इसके बाद उन्होने विदर्भ के खिलाफ गेंदबाजी कर सबका ध्यान खींचा, यहीं से उनकी जिंदगी बदल गई, पिछले साल अंडर 19 में चयन होने के बाद उन्होने कहा था कि मुझे बीसीसीआई मैनेजर अमित सिद्धेश्वर सर का फोन आया था, उन्होने कहा कि मेरा चयन अंडर 19 में हो गयाहै, मैंने और मेरे पिता ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिये काफी मेहनत की है।

हापुड़ के रहने वाले
विश्वकप में मैन ऑफ द मैच चुने गये कार्तिक त्यागी मूल रुप से यूपी के हापुड़ जिले के धनौरा क्षेत्र के रहने वाले हैं, त्यागी 13 साल की उम्र से ही क्रिकेट खेल रहे हैं, उनकी गेंदबाजी से कई दिग्गज प्रभावित हैं, और उन्हें भारतीय टीम का भविष्य कह रहे हैं।

रोमांचक रहा मैच
क्वार्टर फाइनल के पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 9 विकेट पर 233 रन बनाये, लक्ष्य का पीछे करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम को कार्तिक ने तहस-नहस कर दिया, 17 रन पर ही टीम के 4 विकेट गिर गये, जिसमें तीन विकेट कार्तिक ने आउट किया था, इसके बाद कंगारु टीम संभल नहीं पाई और 43.3 ओवर में ही ढेर हो गई।

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