कप्तान प्रियम गर्ग ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, भारतीय गेंदबाजों ने जापान को सिर्फ 41 रनों पर समेट दिया।

भारतीय टीम अंडर 19 विश्वकप में बतौर डिफेंडिंग चैंपियन खेल रही है, प्रियम गर्ग की कप्तानी वाली टीम ने इस टूर्नामेंट में शानदार आगाज किया है, जापान के खिलाफ टीम की गेंदबाजी शानदार रही, टीम इंडिया ने जापान को सिर्फ 41 रनों पर ही समेट दिया, फिर 4.5 ओवर में ही 10 विकेट से बड़ी जीत हासिल की। इस मुकाबले में युवा स्पिन गेंदबाज रवि बिश्नोई की खूब तारीफ हो रही है, जिन्होने सिर्फ 5 रन देकर 4 विकेट हासिल किये।

हैट्रिक से चूके
टीम इंडिया ने अपने दूसरे मुकाबले में जापान के खिलाफ शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया, एक समय तो सिर्फ 19 रन पर ही जापान के सात विकेट गिर चुके थे, इस मुकाबले में रवि बिश्नोई ने अपने पहले ही ओवर के लगातार दो गेंदों पर दो विकेट लिये, हालांकि वो हैट्रिक बनाने से चूक गये।

लगातार 4 गेंद में 4 विकेट
अंडर 19 टीम के युवा स्पिन गेंदबाज ने विश्वकप के पहले मुकाबले में श्रीलंका के खिलाफ भी लाजवाब गेंदबाजी की थी, उन्होने 10 ओवर में 44 रन देकर 2 विकेट अपने नाम किये थे, ये दोनों विकेट उन्होने अपने 10वें ओवर की आखिरी दो गेंदों पर लिया था, जापान के खिलाफ रवि ने पहली दो गेंदों पर दो विकेट अपने नाम किये, इस तरह से उन्होने टूर्नामेंट में लगातार चार गेंदों में चार विकेट लिये, हालांकि नियम के मुताबिक इसे हैट्रिक नहीं माना जाएगा।

अलग-अलग मैच
रवि बिश्नोई ने श्रीलंका और जापान के खिलाफ मुकाबले में मिलाकर लगातार चार गेंदों में 4 विकेट हासिल किये, लेकिन ये अलग-अलग टीमों के खिलाफ अलग-अलग मैच है, इसलिये नियम के अनुसार रवि बिश्नोई ने एक ही मैच में अगर अलग-अलग स्पेल में लगातार तीन विकेट लिये होते तो हैट्रिक माना जाता, लेकिन ऐसा नहीं होने की वजह से इसे हैट्रिक नहीं माना गया।

सिर्फ 23 गेंदों में जीत गये
कप्तान प्रियम गर्ग ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया, भारतीय गेंदबाजों ने जापान को सिर्फ 41 पनों पर समेट दिया, कोई भी जापानी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा छू नहीं सका, सबसे ज्यादा 19 रन अतिरिक्त में मिले, जवाब में भारतीय टीम ने लक्ष्य को सिर्फ 4.5 ओवर (23 गेंद) में ही हासिल कर लिया।

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