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संजू सैमसन आज जिस मुकाम पर खड़े हैं, उसमें उनके पिता विश्वनाथ सैमसन का भी बड़ा योगदान है, बेटे के क्रिकेट करियर को संवारने के लिये पिता ने अपना करियर दांव पर लगा दिया।

आईपीएल के 14वें सीजन के अपने पहले ही मुकाबले में संजू सैमसन ने इतिहास रच दिया, उन्होने पंजाब किंग्स के खिलाफ 63 गेंदों में 119 रनों की पारी खेली, हालांकि उनकी इस पारी के बावजूद उनकी टीम 4 रन से मैच हार गई, लेकिन मैच हारने के बावजूद संजू की इस पारी की तारीफ हो रही है, आपको बता दें कि संजू के यहां तक पहुंचने में उनके पिता का भी अहम योगदान रहा है।

पिता का योगदान
संजू सैमसन आज जिस मुकाम पर खड़े हैं, उसमें उनके पिता विश्वनाथ सैमसन का भी बड़ा योगदान है, बेटे के क्रिकेट करियर को संवारने के लिये पिता ने अपना करियर दांव पर लगा दिया, आपको बता दें कि विश्वनाथ सैमसन दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल थे, लेकिन उन्होने ये नौकरी इसलिये छोड़ दी, क्योंकि वो अपने बेटे को क्रिकेटर बनाना चाहते थे।

दिल्ली छोड़ केरल पहुंचे
विश्वनाथ सैमसन दिल्ली में तैनात थे, तो संजू दिल्ली के रोजरी सीनियर सेकंडरी स्कूल में पढते थे, लेकिन उनका चयन अंडर-13 दिल्ली टीम में नहीं हुआ, दरअसल दिल्ली में ज्यादा बच्चे क्रिकेट खेलते हैं,  अब जब ये बात विश्वनाथ सैमसन को पता चली, तो उन्होने नौकरी छोड़ अपने राज्य केरल जाने का फैसला लिया, उन्होने दिल्ली पुलिस कांस्टेबल पद से स्वैच्छित सेवानिवृत्ति ले ली और परिवार समेत अपने शहर तिरुवनंतपुरम चले गये, जहां संजू का चयन केरल टीम में हो गया।

बेटे ने कर दिखाया
संजू सैमसन ने पिता के त्याग को सच साबित कर दिखाया, पहले जूनियर क्रिकेट और अब आईपीएल में धूम मचा रहे हैं, संजू टीम इंडिया के लिये भी 7 टी-20 मैच खेल चुके हैं, हालांकि उनसे जिस तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जाती है, वैसी पारी उन्होने अब तक भारतीय टीम के लिये नहीं खेली है।

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