चेतेश्वर पुजारा की मौजूदगी में सौराष्ट्र की टीम ने बंगाल को हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है।

टीम इंडिया के टेस्ट बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा इन दिनों अपनी बल्लेबाजी को लेकर सुर्खियों में हैं, या फिर सीधे शब्दों में कहें तो धीमी बल्लेबाजी को लेकर, न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में तो कप्तान विराट कोहली के सब्र का बांध भी टूट गया था, उन्होने प्रेस कांफ्रेंस में सार्वजनिक रुप से पुजारा की धीमी बल्लेबाजी पर सवाल खड़े किये, दरअसल पुजारा ने वेलिंग्टन टेस्ट की पहली पारी में 42 गेंद में 11 रन बनाये थे, फिर दूसरी पारी में 81 गेंद खेलकर सिर्फ 11 रन बना पाये, इसके बाद क्राइस्टचर्च में खेले गये दूसरे टेस्ट में भी उन्होने 54 रन बनाने के लिये 140 गेंदें खेली, फिर दूसरी पारी में 88 गेंदों में 24 रन बनाये, अब इस मामले में पुजारा का दर्द छलक गया है।

धीमी लेकिन अहम पारी
पुजारा की मौजूदगी में सौराष्ट्र की टीम ने बंगाल को हराकर पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब अपने नाम किया है, इस मैच में पुजारा ने पहली पारी में धीमी लेकिन अहम पारी खेली, उन्होने 237 गेंदों में 62 रन बनाये, पुजारा ने बताया कि रणजी चैंपियन बनने के बाद टीम ने शानदार तरीके से जश्न मनाया, शाम को पार्टी की गई, फिर अगले दिन वो फिल्म देखने गये।

युवा मेरे खेल को समझते हैं
इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए पुजारा ने अपनी बल्लेबाजी के अहम पहलुओं पर रोशनी डाली, जब उनसे पूछा गया, कि क्या उन्हें लगता है कि मौजूदा वक्त में कोई भी बल्लेबाज उनके जैसा नहीं बनना चाहता, तो उन्होने बड़ी ही साफगोई से कहा, जी हां, मैं भी आपकी बात से सहमत हूं, लेकिन युवा पीढी मेरे खेल को समझती है, फिर टेस्ट मैच अब बहुत कम खेले जा रहे हैं, सीमित ओवर के मैचों की संख्या बढ रही है, तो युवा मेरी बल्लेबाजी शैली को नहीं अपनाते, क्योंकि वो टेस्ट क्रिकेट के ज्यादा मुफीद नहीं हैं, ऐसा नहीं है कि मैं तेज बल्लेबाजी नहीं कर सकता, मैं सीमित ओवर प्रारुप में भी खेल सकता हूं।

पिच के हिसाब से पारी को आगे बढाना होता है
टेस्ट टीम के अहम बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा से रणजी फाइनल में बंगाल के खिलाफ खेली गई पारी के बारे में सवाल पूछा गया, तो उन्होने कहा कि आपको पिच के हिसाब से अपनी पारी को आगे बढाना होता है, पहली पारी में मैंने करीब 60 रन बनाने के लिये 200 से ज्यादा गेंदें खेली, लेकिन टीम के मेरे साथी और मैं जानता था कि पिच कितनी मुश्किल थी, वो फाइनल था मुझ पर जिम्मेदारी थी, हालात के हिसाब से धीमा खेलने को लेकर मेरी बल्लेबाजी में कोई कमी नहीं है, अगर मुझे ये बात पता है कि पिच मुश्किल है, और मैं खुलकर शॉट नहीं खेल सकता, तो मैं ऐसा नहीं करुंगा, न्यूजीलैंड में भी हालात ऐसे ही थे।

मेरा काम मनोरंजन करना नहीं
पुजारा ने इस इंटरव्यू में विराट कोहली और अपने आलोचकों को इशारों में करारा जवाब दिया है, उन्होने कहा कि मैं सोशल मीडिया के लिये बल्लेबाजी नहीं कर सकता, सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वाले ज्यादातर लोग मेरा खेल और टेस्ट क्रिकेट को नहीं समझते, क्योंकि वो ज्यादा टी-20 और वनडे देखते हैं, कृपया इस बात को समझिये, मेरा लक्ष्य किसी का मनोरंजन करना नहीं है, बल्कि टीम के लिये मैच जीतना है, फिर चाहे वो भारतीय टीम हो या सौराष्ट्र की, किसी दिन मैं तेज खेलता हूं, तो किसी दिन धीमा, मैं क्रिकेट प्रशंसकों का सम्मान करता हूं, लेकिन मैं मनोरंजन के लिये बल्लेबाजी नहीं करता।

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