फ्लॉप क्रिकेटर्स में पति का नाम देख भड़क उठी पत्नी, देने लगी गाली, कहा तुम्हारी…

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मनोज तिवारी की पत्नी सुष्मिता उन लोगों पर भड़क गई, जो उनके पति का नाम टीम इंडिया के फ्लॉप खिलाड़ियों की सूची में रखते हैं, उन्होने इंस्टाग्राम के जरिये भड़ास निकाली है।

टीम इंडिया के लिये 12 वनडे और 3 टी-20 मैच खेल चुके 34 वर्षीय मध्यक्रम बल्लेबाज मनोज तिवारी 2015 के बाद से ही टीम से बाहर हैं, वो लगातार वापसी की कोशिश कर रहे हैं, हालांकि उन्हें मौका नहीं मिल पा रहा है, कभी बंगाल का छोटा दादा (बड़ा सौरव गांगुली) कहे जाने वाले मनोज तिवारी का करियर अचानक ही खत्म हो गया, लोग उनकी तरफ बड़ी उम्मीद से देखते थे, लेकिन अब उन्हें फ्लॉप क्रिकेटरों की सूची में रखा जाता है।

भड़क गई पत्नी
हाल ही में मनोज तिवारी की पत्नी सुष्मिता उन लोगों पर भड़क गई, जो उनके पति का नाम टीम इंडिया के फ्लॉप खिलाड़ियों की सूची में रखते हैं, उन्होने इंस्टाग्राम के जरिये भड़ास निकाली है, सुष्मिता ने ऐसे लोगों को जमकर खरी-खोटी सुनाई है, उन्होने लिखा है, तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई, उन्होने प्रोफाइल का स्क्रीन शॉट शेयर करते हुए लिखा, जिसने भी कभी इस प्रोफाइल को बनाया, उसकी हिम्मत कैसे हुई, मेरे पति का नाम घसीटने की, आप दोबारा से अपने भद्दे तथ्यों की जांच करें, बकवास पोस्ट के बजाया अपनी बेकार जिंदगी में कुछ करें।

ऐसे पोस्ट से बचने की सलाह
हालांकि सुष्मिता के इस पोस्ट पर उनके फैंस उन्हें ऐसा पोस्ट नहीं करने की सलाह दे रहे हैं, एक फैन ने लिखा, अगर आप बड़े स्टार क्रिकेटर की पत्नी हैं, तो इन बातों का आपके दिमाग पर असर नहीं होना चाहिये, कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना, छोड़ो बेकार की बातें।

शतक के बाद टीम से बाहर
मनोज तिवारी ने ऑस्ट्रेलिया के किलाफ 2008 में वनडे में डेब्यू किया था, हालांकि एक सवाल उनके जेहन में आज भी है, कि वनडे में शतक लगाने के बाद अगले मैच से उन्हें बार क्यों किया गया, हाल ही में उन्होने एक इंटरव्यू में कहा था कि मैंने अभी तक तत्कालीन कप्तान धोनी से नहीं पूछा कि टीम इंडिया के लिये नाबाद शतक लगाने के बाद भी अगले मुकाबले में मुझे प्लेइंग इलेवन से बाहर क्यों रखा गया, मनोज तिवारी उन चुनिंदा क्रिकेटरों में हैं, जो पिछले मुकाबले में शतक ठोकने के बाद फिट होने के बाद भी अगले मुकाबले में मैदान में नहीं उतर पाये।

बार-बार अंदर-बाहर
मनोज तिवारी ने साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ चेन्नई में नाबाद 104 रनों की विजयी पारी खेली थी, जिसके लिये उन्हें मैन ऑफ द मैच दिया गया, हालांकि इसके बाद अगले मैच में उन्हें मौका नहीं दिया गया, वो अगले 14 मैचों में टीम से बाहर रही, तिवारी ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि देश के लिये शतक बनाने और मैन ऑफ द मैच जीतने के बाद मैं अगले 14 मैच बाहर बैठूंगा। अगली बार उन्हें 8 महीने बाद मौका मिला, जब अगले साल टीम श्रीलंका दौरे पर गई, वहां पहले मुकाबले में उन्होने 21 रन बनाये, फिर एक अर्धशतक जड़ा, इसके बाद उन्हें फिर टीम से बाहर कर दिया गया, 2015 में जिम्बॉब्बे दौरे पर आखिरी बार मौका मिला, और फिर तब से टीम से बाहर हैं।