इस बल्लेबाज को झाड़ू मारने की मिल रही थी नौकरी, शाहरुख खान ने रातों-रात पलट दी ‘किस्मत’

0
51
Rinku Singh

खब्बू बल्लेबाज रिंकू सिंह का जन्म साल 1997 में अलीगढ में हुई, उनके पिता घर-घर जाकर सिलेंडर की डिलीवरी का काम करते हैं, उनके 5 भाई बहन हैं।

दुनिया में बहुत से ऐसे क्रिकेट हैं, जिन्होने गरीब घर में पैदा लिया, बचपन बुनियादी सुविधाओं के अभाव में गुजरी, लेकिन कुछ ऐसी भी कहानियां है जिन्होने अपने बलबूते मुकाम हासिल किया, केकेआर की ओर से खेलने वाले बायें हत्था बल्लेबाज रिंकू सिंह की भी ऐसी ही कहानी है, रिंकू यूपी के लिये रणजी ट्रॉफी खेलते हैं, आईपीएल में चुने जाने से पहले उनका परिवार इतना गरीब था, जिसे सुनकर शायद आप यकीन भी नहीं करेंगे, आइये आपको बताते हैं कि आखिर दो साल में उनकी किस्मत कैसे पलट गई।

कठिन जीवन
खब्बू बल्लेबाज रिंकू सिंह का जन्म साल 1997 में अलीगढ में हुई, उनके पिता घर-घर जाकर सिलेंडर की डिलीवरी का काम करते हैं, उनके 5 भाई बहन हैं, जिसमें रिंकू तीसरे नंबर पर हैं, उनका बड़ा भाई ऑटो चलाता है, तो दूसरा भाई एक कोचिंग सेंटर में नौकरी करता है, रिंकू को बचपन से ही क्रिकेट का शौक था, लेकिन परिवार की आर्थिक हालात ऐसे नहीं थे, कि वो क्रिकेट खेल सके, तो रिंकू ने पैसों के खातिर अपने भाई से नौकरी दिलाने की बात कही, भाई जहां उन्हें ले गया, वहां उन्हें झाडू मारने की नौकरी मिल रही थी, क्योंकि रिंकू 9वीं फेल हैं।

क्रिकेट ने बदली जिंदगी
रिंकू सिंह को लगा कि अब जिंदगी सिर्फ क्रिकेट ही बदल सकती है, उन्होने दिल्ली में एक टूर्नामेंट खेला, जहां उन्हें मैन ऑफ द सीरीज के तौर पर एक मोटरसाइकिल मिली, रिंकू ने ये बाइक अपने पिता को दे दी, ताकि वो सिलेंडर की डिलीवरी साइकिल की जगह बाइक से कर सकें। इसके साथ ही रिंकू के परिवार पर करीब 5 लाख रुपये का कर्ज थी, हालांकि इस दौरान रिंकू का बल्ला लगातार रन उगल रहा था, उन्होने 2014 में 17 साल की उम्र में लिस्ट ए क्रिकेट में विदर्भ के खिलाफ यूपी के लिये डेब्यू किया, अगले साल रणजी ट्रॉफी में भी मौका मिला, उन्होने मौके का भरपूर फायदा उठाया, जिसके बाद यूपी अंडर 19 टीम में उनका चयन हो गया, यहां से मिलने वाले पैसों से वो घर चलाते थे, इसके बाद 2018 में उनकी जिंदगी बदल गई।

आईपीएल से मिले 80 लाख
2018 आईपीएल नीलामी में रिंकू सिंह की जिंदगी ही बदल गई, 20 लाख रुपये बेसप्राइस वाले रिंकू को शाहरुख खान की टीम केकेआर ने 80 लाख रुपये में खरीदा, रिंकू ने इन पैसों का इस्तेमाल कर्ज उतारने, भाई और बहन की शादी में खर्च के लिये किया, रिंकू ने अभी क्रिकेट में उतना नाम नहीं कमाया है, लेकिन उन्हें लंबी रेस का घोड़ा कहा जा रहा है, वो लंबे-लंबे हिट्स लगाते हैं, फर्स्ट क्लास में उनका औसत 60 से ज्यादा है।

Read Also – विराट-रोहित की बल्लेबाजी से परेशान कंगारु कप्तान ने अंपायर से मांगी थी मदद, कही थी ऐसी बात