Friday, April 23, 2021

Krunal Pandya- 10वीं में 3 बार फेल, सरकारी नौकरी का ऑफर ठुकरा क्रिकेटर बनने का फैसला!

क्रुणाल पंड्या ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मेरे और हार्दिक के ज्यादा दोस्त नहीं थे, हम स्कूल जाते थे, फिर वहां से लौटकर क्रिकेट प्रैक्टिस, मैं 10वीं में तीन बार फेल हुआ।

टीम इंडिया के नये ऑलराउंडर क्रुणाल पंड्या का आज जन्मदिन है, बड़ौदा के कप्तान 30 वर्षीय क्रुणाल हार्दिक पंड्या गके बड़े भाई हैं, तीसवें जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले क्रुणाल को वनडे डेब्यू का मौका मिला, उन्होने ताबड़तोड़ अर्धशतक लगाकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा है, टीम इंडिया के नये ऑलराउंडर की निजी जिंदगी भी काफी दिलचस्प है।

10वीं में तीन बार फेल
क्रुणाल पंड्या ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मेरे और हार्दिक के ज्यादा दोस्त नहीं थे, हम स्कूल जाते थे, फिर वहां से लौटकर क्रिकेट प्रैक्टिस, मैं 10वीं में तीन बार फेल हुआ, हालांकि मैंने हार नहीं मानी, और कॉलेज पास किया, कहीं ना कहीं मेरे अंदर डर था कि अगर क्रिकेटर में कुछ ना कर सका, तो शिक्षा जरुरी है, कुछ ना कुछ तो गुजारा कर ही लेंगे।

मेहनत रंग लाई
पंड्या ब्रदर्स ने मेहनत के दम पर फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है, क्रुणाल ने बताया था कि क्रिकेट में संघर्ष के दौरान उन्हें सरकारी नौकरी का भी ऑफर मिला था, लेकिन उन्होने स्वीकार नहीं किया, आज इसी वजह से उनकी जिंदगी बदल गई, उन्होने कहा उस समय स्पीड पोस्ट में सरकारी नौकरी निकली थी, मुझे याद है कि ट्रायल के लिये मुझे लेटर आया, पापा ने कहा कि 25-30 हजार की नौकरी मिल जाएगी, उसी दिन सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के लिये मेरे ट्रायल थे, मैंने सोचा कि पिछले दो-ढाई साल से मैंने मेहनत की है, लेकिन इस स्पीड पोस्ट की नौकरी के लिये नहीं, मैं क्रिकेट को चुना, फिर बड़ौदा की टीम में मेरा चयन हो गया।

पिता का खास योगदान
क्रुणाल पंड्या ने बताया कि उनकी सफलता में पिता हिमांशु पंड्या का खास योगदान है, क्रुणाल 6 साल के थे, तो उनके पिता ने बेटे को अच्छी क्रिकेट कोचिंग मिले, इसलिये वो सूरत छोड़ वड़ोदरा में सेटल हुए, क्रुणाल ने कहा, कि ऐसा शायद ही आपने कहीं सुना हो, अगर मैं अच्छे लेवल पर खेल रहा होता, तो अलग बात होती, 6 साल के बच्चे के लिये अपना सबकुछ दांव पर लगाना ये कहां तक सही है।

शानदार पारी
आपको बता दें कि क्रुणाल पंड्या ने अपने डेब्यू वनडे में तूफानी पारी खेली, उन्होने 26 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, ये बतौर भारतीय बल्लेबाज डेब्यू मैच में सबसे तेज अर्धशतक है, पंड्या ने पारी में 31 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 58 रन बनाये, जिसमें 7 चौके और 2 छक्के भी शामिल हैं, ये पारी उन्होने अपने पिता दिवंगत हिमांशु पंड्या को समर्पित की।

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