सौरव गांगुली के लिये जान भी दे सकता है ये स्टार क्रिकेटर, जानिये, दादा क्यों हैं इतने महान?

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धोनी को इंटरनेशनल कैप कप्तान सौरव गांगुली के हाथों ही मिली थी, कहा जाता है कि गांगुली की वजह से ही धोनी की टीम में मौका भी मिला था।

लॉर्ड्स की बालकनी में जर्सी लहराना हो, या विरोधियों को उनकी भाषा में ही जवाब देना, हालात कैसे भी हो, जीत के लिये खेलना, ये थी सौरव गांगुली की वो खासियत, जो उन्हें दूसरे क्रिकेट कप्तानों से अलग करती है, गांगुली आज 48 साल के हो गये हैं, दुनिया भर में उनके फैंस आज उनका जन्मदिन मना रहे हैं, सौरव गांगुली ने अपने करियर में कई रिकॉर्ड्स बनाये, कई टूर्नामेंट जीते, उन्होने टीम को विदेशी जमीनों पर लड़ना सिखाया, अपने करियर में दादा ने एक और चीज हासिल किया, वो है सम्मान, सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि विदेश क्रिकेटर भी गांगुली का बहुत सम्मान करते हैं।

गांगुली के मुरीद धोनी
धोनी को इंटरनेशनल कैप कप्तान सौरव गांगुली के हाथों ही मिली थी, कहा जाता है कि गांगुली की वजह से ही धोनी की टीम में मौका भी मिला था, धोनी ने कहा कि ईमानदारी से कहूं तो दादा टीवी स्क्रीन पर अलग दिखते हैं, लेकिन जब आप उन्हें मिलते है, तो वो बेहद नेक दिल इंसान हैं। ऑस्ट्रेलियाई दिगग्ज कप्तान स्टीव वॉ भी गांगुली को सलाम करते हैं, पूर्व कंगारु कप्तान ने कहा कि जब आप भारतीय क्रिकेट को देखते हैं, तो उसमें सौरव गांगुली का नाम भी शामिल होता है, तो आप समझ जाते हैं कि अब मुकाबला होना तय है, आप गांगुली को पसंद या नापसंद नहीं कर सकते, आपको उन्हें इज्जत देनी होती है।

लक्ष्मण, सचिन, द्रविड़ ने क्या कहा
लक्ष्मण तो गांगुली के स्पिनर्स के खिलाफ बल्लेबाजी के कायल है, उन्होने एक बार कहा था कि सौरव के अंदर सिर्फ बाउंड्री पार करने की क्षमता नहीं है, बल्कि स्पिनर्स के खिलाफ वो स्टेडियम भी पार करा सकते हैं, वो स्पिनरों के कातिल हैं। राहुल द्रविड़ ने तो उन्हें ऑफ साइड का भगवान कहा था, सचिन तेंदुलकर ने उनके बारे में कहा था कि उनकी सबसे बड़ी ताकत उनका दिमाग है, वो बेहद मेहनती हैं, सिर्फ नेट्स पर ही नहीं बल्कि मानसिक तौर पर भी, इसीलिये हर बार जबरदस्त वापसी करते हैं।

कई खिलाड़ियों को तराशा
सौरव गांगुली ने अपनी कप्तानी में युवा खिलाड़ियों की फौज तैयार की, सहवाग को सलामी बल्लेबाज बनाने का श्रेय गांगुली को जाता है, वीरु का मानना है कि दादा की वजह से ही वो टेस्ट क्रिकेटर बन पाये, युवराज सिंह भी गांगुली की ही खोज कहे जाते हैं, युवी उन्हें टीम इंडिया का सबसे अच्छा कप्तान मानते हैं, युवी ने कहा कि माही बहुत अच्छे हैं, लेकिन सबसे बेस्ट कप्तान सौरव गांगुली हैं, मैं उनके लिये अपनी जान भी दे सकता हूं। हरभजन सिंह का करियर भी गांगुली की कप्तानी में आगे बढा, भज्जी उन्हें बड़े भाई की तरह मानते हैं, एक इंटरव्यू में हरभजन ने कहा था कि दादा का मतलब बड़ा भाई होता है, मेरा कोई बड़ा भाई नहीं है, अगर होता तो भी गांगुली जितना नहीं कर पाता, मुश्किल दौर में उन्होने मेरा हाथ थामा, मैं उनके साथ मरते दम तक खड़ा रहूंगा, गांगुली मेरे हमेशा कप्तान रहेंगे।

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