बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने पिछले दिनों कहा था कि मदन लाल और सुलक्षणा नाइक सीएसी में बने रहेंगे, जबकि गंभीर को बदला जा रहा है।

पूर्व क्रिकेटर मदन लाल, आरपी सिंह और सुलक्षणा नाइक को बीसीसीआई की तीन सदस्यीय सलाहकार समिति में शामिल करने की घोषणा की गई है, इस टीम को फिलहाल सीनियर चयनसमिति में कार्यकाल पूरा कर चुके दो सदस्यों की जगह लेने वाले चयनकर्ताओं को चुनना होगा, आपको बता दें मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद (दक्षिण क्षेत्र) और गगन खोड़ा (मध्य क्षेत्र) अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, उनके विकल्प की तलाश की जा रही है।

सीएसी की नियुक्ति
बीसीसीआई सचिव जय शाह ने बयान जारी कर बताया कि सीएसी की नियुक्ति एक साल के लिये होगी, नई सीएसी में पहले टीम इंडिया के पूर्व सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर को शामिल किया गया था, लेकिन संसद सदस्य होने की वजह से वो इसका हिस्सा नहीं बन पाये, यूपी के पूर्व तेज गेंदबाज आरपी सिंह सीएसी के सबसे युवा सदस्य हैं, उनकी उम्र 34 साल है, जबकि मदन लाल 68 और सुलक्षणा नाइक 41 साल की हैं।

3 महीने से ज्यादा समय
बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने पिछले दिनों कहा था कि मदन लाल और सुलक्षणा नाइक सीएसी में बने रहेंगे, जबकि गंभीर को बदला जा रहा है, क्योंकि संसद सदस्य होने के नाते वो कोई पद नहीं संभाल सकते, बीसीसीआई के नये पदाधिकारियों ने 23 अक्टूबर को पदभार संभाल लिया था, उन्हें सीएसी को नियुक्त करने में 3 महीने से ज्यादा का समय लगा, बोर्ड को ऐसे पूर्व क्रिकेटर की तलाश थी, जिसके साथ हितों के टकराव का मामला ना हो।

सीमित दायरे में काम
आपको बता दें कि सीएसी उच्च स्तरीय ईकाई है, जो सीमित दायरे में काम करती है, सीएसकी के सबसे अनुभवी सदस्य मदन लाल इस चुनौती के लिये तैयार हैं, उन्होने न्यूज एजेंसी से बात करते हुए कहा कि जिम्मेदारी तो जिम्मेदारी है, इस खेल का नाम ही जिम्मेदारी लेना और अपना काम ईमानदारी से करना है, बीसीसीआई के चयनकर्ता के चयन के लिये क्षेत्रीय नीति को जारी रखा है या नहीं, इस पर उन्होने कहा कि मुझे इस बारे में पता नहीं, इसमें क्षेत्रीय नीति का पालन किया जाएगा या आप किसी भी क्षेत्र से चयन कर सकते हैं।

गांगुली और कपिल देव ने दिया था इस्तीफा
पूर्व कप्तान कपिल देव, शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़ की मौजूदगी वाली सीएसी ने हितों के टकराव का आरोप लगने के बाद पद छोड़ दिया था, उनसे पहले गांगुली, लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर की सीएसी ने भी हितों के टकराव का आरोप लगने के बाद इस्तीफा दे दिया था, बीसीसीआई की मौजूदा संविधान के तहत कोई भी सदस्य एक से ज्यादा पद पर नहीं रह सकता।

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