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पिता चाहते थे बेटा इंजीनियर बने, लेकिन पढाकू अक्षर पटेल ऐसे बन गये स्पिन मास्टर, पूरा किस्सा

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संजयभाई पटेल ने अक्षर को 14 साल की उम्र से ही कोचिंग देना शुरु कर दिया था, जिसके बाद अक्षर को जिला स्तर पर मैन ऑफ द सीरीज मिला।

गुजरात के नडियाड शहर के रहने वाले बायें हाथ के स्पिन गेंदबाज अक्षर पटेल ने तीसरे टेस्ट के पहले दिन कमाल कर दिया, उन्होने अंग्रेज बल्लेबाजों की जमकर परीक्षा ली, अक्षर के 6 विकेट की वजह से ही मेहमान टीम पहली पारी में सिर्फ 112 रन पर सिमट गई। खैर आज हम आपको अक्षर की गेंदबाजी नहीं बल्कि निजी जिंदगी के बारे में बताएंगे।

बेटा इंजीनियर बने
अक्षर पटेल के पिता चाहते थे कि उनका बेटा इंजीनियर बने, लेकिन 1996 से 2015 तक खेड़ जिला क्रिकेट के सचिव र सहसचिव संजय भाई पटेल थे, जिन्होने अक्षर के पिता को इस बात के लिये मनाया कि बेटे को क्रिकेट खेलने दें, संजय भाई ने बताया कि अक्षर पढाई में काफी होशियार थे, उनका रैंक भी अच्छा था, हर मां-बाप की तरह उनके माता-पिता भी चाहते थे कि बेटा पढाई-लिखाई कर कुछ अच्छा करे, मैंने उनके पिता से बात की, और उनके जवाब से खुश था, वो बेटे के लिये क्रिकेट को राजी हो गये थे।

कोचिंग की शुरुआत
संजयभाई पटेल ने अक्षर को 14 साल की उम्र से ही कोचिंग देना शुरु कर दिया था, जिसके बाद अक्षर को जिला स्तर पर मैन ऑफ द सीरीज मिला, उन्हें बेस्ट बेट्समैन तथा बेस्ट बायें हाथ का तेज गेंदबाज का पुरस्कार मिला था, तभी अक्षर ने लेफ्ट ऑर्म स्पिन गेंदबाजी करना शुरु किया था, संजयभाई ने कहा, शुरुआत में जूनियर स्तर पर वो एक लेफ्ट आर्म तेज गेंदबाज थे, आमतौर पर जब उनकी टीम मैच जीतती थी, तो वो मजे के लिये स्पिन गेंदबाजी करते थे, वो दुबले थे, तथा अपनी उम्र के लिहाज से लंबे थे, उनकी सटीकता की वजह से उन्हें विकेट मिलने लगे।

नेशनल कैंप में हिस्सा
अक्षर पटेल जब 17-18 साल के थे, तो उन्होने बंगलुरु में राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में 21 दिवसीय कैंप में हिस्सा लिया था, कोच पटेल के लिये ये बहुत बड़ी बात थी, क्योंकि उनके यहां से जब भी कोई राज्य स्तरीय कैंप में जाते थे, तो वो उनसे कहते थे, कि वो अपनी डायरी में कोच की सभी बातों को लिख लें। लेकिन जब अक्षर पटेल वापस लौटे, तो उन्होने उनसे उस पेज को फाड़ देने को कहा, क्योंकि उन्हें हवा में गेंद लहराने और फ्लाइट देने की बात कही गई थी, पटेल ने बाद में अक्षर से कहा, कि वो अपना स्वाभाविक गेंदबाजी के साथ बने रहें।

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