Vastu Tips

कई चीजें ऐसी हैं, जिन्हें घर से तुरंत बाहर कर देना चाहिये, इन्हें घर में रखने से परिवार के सदस्यों के बीच आपसी कलह बढती है।

वास्तु शास्त्र के मुताबिक अगर घर में चीजें वास्तु के हिसाब से रखी जाएं, तो फिर सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है, वहीं कई चीजें ऐसी हैं, जिन्हें घर से तुरंत बाहर कर देना चाहिये, इन्हें घर में रखने से परिवार के सदस्यों के बीच आपसी कलह बढती है, आइये जानते हैं वो कौन सी चीजें हैं, जिन्हें घर में भूलकर भी नहीं रखना चाहिये।

फटे-पुराने कपड़े
वास्तु के अनुसार कपड़ों का संबंध भाग्य के साथ है, अच्छे कपड़े अच्छे भाग्य का प्रतीक होते हैं, वहीं पुराने मैले-कुचैल कपड़े बदकिस्मती के, ऐसे में अगर घर में पुराने मैले कुचैले कपड़े हैं, तो उसे फौरन बाहर कर दें, फटे पुराने कपड़े जीवन में दुर्भाग्य लेकर आते हैं।

पुराने अखबारों के ढेर को हटा दें
वास्तु शास्त्र के मुताबिक घर के भीतर कभी भी पुराने अखबार नहीं रखने चाहिये, घर में पड़ा रद्दी का ढेर सदा नकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है, इससे परिवार के सदस्यों की तरक्की रुक जाती है, घर के लोगों को आर्थिक हानि उठानी पड़ती है।

खंडित मूर्तियों का करें विसर्जन
शास्त्रों के मुताबिक देवी-देवताओं की मूर्ति या चित्र से सकारात्मक ऊर्जा निकलती है, लेकिन यदि वो खंडित हो जाएं, तो उसमें नकारात्मक ऊर्जा का वास हो जाता है, लिहाजा पुरानी तथा खंडित मूर्तियों को जमीन में दबा दें, ऐसा ना कर सकें, तो उन्हें जल में प्रवाहित कर दें।

पुराने तालों को तुरंत बदल दें
अगर आपके घर में पुराने खराब हो चुके ताले रखें हैं, तो उन्हें फौरन घर से बाहर कर दें, वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के अंदर कभी भी पुराने या खराब हो चुके तालों को नहीं रखना चाहिये, वास्तु शास्त्र में पुराने ताले को अशुभ माना गया है, उनके मुताबिक नया ताला अच्छी किस्मत का प्रतीक होता है, वहीं पुराना या खराब हो चुका ताला बुरी किस्मत का वाहक होता है।

बंद या पुरानी घड़ियों को दें विदा
घर के भीतर किसी भी बंद घड़ी को नहीं रखनी चाहिये, बंद घड़ी बदकिस्मती का प्रतीक माना जाता है, इससे व्यक्ति के जीवन में रुकावट आती है, उसके बने हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं, वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में बंद घड़ियों को रखने से व्यक्ति की किस्मत भी बंद हो जाती है।
(नोट- इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारी तथा मान्यताओं पर आधारित है, हम इनकी पुष्टि नहीं करते हैं, इस पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)