Raksha-Bandhan (1)

रक्षाबंधन पर भी शुभ मूर्हूत में राखी बांधना भाई-बहन की खुशहाल जिंदगी के लिये लाभदायी साबित होगा, वहीं अशुभ काल में राखी बांधे से जिंदगी में कई परेशानियां आ सकती है।

हर काम के लिये शुभ समय होता है, यदि उस काम को उस नियत समय पर किया जाए, तो अच्छा फल देता है, वहीं अशुभ समय में किया गया काम बुरा फल देता है, उससे जिंदगी में कई तरह की परेशानियां आ जाती हैं, इसलिये सभी पर्व त्योहार मनाने, पूजा करने तथा शुभ काम करने के लिये शुभ मूर्हूत निकाले जाते हैं।

रक्षाबंधन
रक्षाबंधन पर भी शुभ मूर्हूत में राखी बांधना भाई-बहन की खुशहाल जिंदगी के लिये लाभदायी साबित होगा, वहीं अशुभ काल में राखी बांधे से जिंदगी में कई परेशानियां आ सकती है, manisha_shivani_swadeeshi_rakhi_kotdwara आज 22 अगस्त को एक ऐसा काल भी रहेगा, जब राखी बांधना जिंदगी में संकटों को बुलावा देने जैसा होगा।

रक्षाबंधन के लिये शुभ मूर्हूत
इस रक्षाबंधन पर शोभन योग तथा धनिष्ठा नक्षत्र में रहने से आज का दिन बेहद शुभ रहेगा, पूरे दिन भद्रा काल भी नहीं होगा, जो कि शुभ काम करने के लिये वर्जित माना गया है, rakshabandhan1 (1) इसके अलावा सुबह 5.50 बजे से शाम 6.03 बजे तक किसी भी समय राखी बांध सकते हैं, वहीं सुबह 9.34 बजे से 11.07 मिनट तक अमृत मूहूर्त तथा दोपहर 12.04 मिनट से 12.58 मिनट पर अभिजीत मूहूर्त रहेगा।

भूलकर भी इस समय ना बांधें राखी
रक्षाबंधन पर शाम 5.14 बजे से लेकर 6.49 बजे तक राहु काल रहेगा, इस समय में शुभ कार्य करने की मनाही है, लिहाजा इस समय भाई को राखी ना बांधे, धर्म-पुराणों तथा ज्योतिष के अनुसार इस समय में दैत्यों के सेनापति राहु का भगवान विष्णु ने वध किया था, इसलिये इस समय कोई भी शुभ कार्य ना करें।
(नोट- इस लेख में दी गई जानकारियां सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है, हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।)

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