Chittorgarh

सांवलिया जी को सांवलिया सेठ भी कहा जाता है, मंदिर में हर महीने की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को परंपरा के मुताबिक दान पात्र खोला जाता है, और भेंट राशि की गणना की जाती है।

राजस्थान के मेवाड़ में सांवलिया जी में स्थित प्रसिद्ध श्री सांवलिया जी मंदिर का भंडार रविवार को खोला गया, भंडार से 2 दिन में 5 करोड़ 48 लाख 57 हजार 500 रुपये निकले हैं, इस दौरान इस राशि के साथ 1 किलो सोने का बिस्किट और चांदी के आभूषण भी मिले हैं, सांवलिया सेठ के मंदिर का जब भी दानपात्र खोला जाता है, तो उसमें श्रद्धालुओं की ओर से चढाई गई भारी राशि निकलती है, सोने-चांदी के आभूषण निकलना भी आम बात है, लेकिन इस बार एक किलो सोने का बिस्किट देख भंडार में राशि की गणना करने वाले कर्मचारी भी अचंभित रह गये, भंडारे की गणना अभी जारी है।

हर महीने खुलता है दानपात्र
यहां के सांवलिया जी को सांवलिया सेठ भी कहा जाता है, मंदिर में हर महीने की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी को परंपरा के मुताबिक दान पात्र खोला जाता है, और भेंट राशि की गणना की जाती है, रविवार के दिन सांवलिया जी के भंडार में से 4 करोड़ 53 लाख 48 हजार रुपये निकले थे, सोने-चांदी के आभूषणों के साथ 1 किलो सोने का बिस्किट भी मिला, भंडार से प्राप्त राशि की गणना लगातार दूसरे दिन सोमवार को भी जारी रही, सोमवार को भंडार से 95 लाख, 9 हजार 500 रुपये की राशि प्राप्त हुई है।

विदेशी मुद्रा भी मिली
भंडार खोले जाने के बाद पहले दिन बड़े नोटों की गणना की जाती है, इसके बाद छोटे नोटों की गणना होती है, फिर सिक्कों को गिना जाता है,

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भंडार में अथाह राशि आने के कारण इसकी गणना में काफी समय लगता है, इस बार सांवलिया सेठ के भंडार से 10 लाख की विदेशी मुद्रा भी प्राप्त हुई है, 2 दिन की गणना में अब तक कुल 5 करोड़ 48 लाख से ज्यादा की राशि प्राप्त हुई है, अमावस्या के अवसर पर पुजारियों ने भगवान को स्नान करा स्वर्ण पोशाक पहनाई और ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया।

सप्ताह भर चलती है गणना
आपको बता दें कि सांवलिया जी के प्रति देशभर के लोगों में जबरदस्त आस्था है, यहां विभिन्न अवसरों पर बड़े आयोजन भी होते रहते हैं, इन आयोजनों में जबरदस्त भीड़ उमड़ती है, फिलहाल कोरोना के चलते भीड़भाड़ काफी कम है, यहां आने वाले कई श्रद्धालु बड़ी मात्रा में धन राशि और सोना तथा चांदी के आभूषण सांवलिया सेठ को चढाते हैं, एक बार की गणना कम से कम सप्ताह भर चलती है।

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