yogi-adityanath

बीजेपी हाईकमान और आरएसएस के साथ कई दौर की मीटिंग के बाद कैबिनेट विस्तार पर सहमति बनी है, कैबिनेट विस्तार के जरिये बीजेपी जातिय तथा क्षेत्रीय संतुलन को साधने की कोशिश करेगी।

यूपी विधानसभा चुनाव 2022 के लिये तमाम राजनीतिक पार्टी तैयारी कर रही है, अब योगी सरकार अपने कील और कांटे दुरुस्त करने में जुटी हुई है, कहा जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर नाम भी तय कर लिये गये हैं, केन्द्रीय हाईकमान से हरी झंडी मिलते ही कैबिनेट का विस्तार कर दिया जाएगा, यही वजह है कि प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और संगठन महामंत्री सुनील बंसल सोमवार को दिल्ली रवाना हो गये हैं, कहा जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले ही कैबिनेट विस्तार हो सकता है।

कैबिनेट विस्तार पर सहमति
बताया जा रहा है कि बीजेपी हाईकमान और आरएसएस के साथ कई दौर की मीटिंग के बाद कैबिनेट विस्तार पर सहमति बनी है, कैबिनेट विस्तार के जरिये बीजेपी जातिय तथा क्षेत्रीय संतुलन को साधने की कोशिश करेगी। रिपोर्ट के मुताबिक कैबिनेट विस्तार में अधिकतम 10 मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है, जबकि 4 मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी भी हो सकती है।

6 मंत्री पद खाली
आपको बता दें कि मौजूदा योगी सरकार में 23 कैबिनेट मंत्री, 9 स्वतंत्र प्रभार मंत्री और 22 राज्यमंत्री हैं, यानी मंत्रियों की कुल संख्या 54 है, नियमों के अनुसार अभी 6 मंत्री पद खाली हैं, ऐसे में योगी सरकार अगर किसी भी मंत्री को नहीं हटाती है, तो भी 6 नये मंत्री बनाये जा सकते हैं, सूत्रों के अनुसार 4 ऐसे मंत्री हैं, जो उम्रदराज हैं, तो सरकार उन्हें रिटायरमेंट देने का प्लान बना सकती है।

इन्हें साधने की कोशिश
दावा किया जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार के जरिये पार्टी ओबीसी, ब्राह्मण समेत अन्य जातियों को साधने की कोशिश करेगी, कैबिनेट विस्तार में क्षेत्रीय तथा जातिय संतुलन भी देखने को मिलेगा, कैबिनेट विस्तार मॉनसून सत्र से पहले होगा।

Read Also – योगी को चैलेंज पर ओवैसी ने मारा यू-टर्न, अब कही ऐसी बात