Friday, April 23, 2021

कौन है किसान नेता जोगिंदर सिंह उगराहां, जिसे अमित शाह ने खुद फोन किया!

मोदी सरकार में नंबर दो और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जोगिंदर सिंह को फोन कर बातचीत का निमंत्रण किया, साथ ही किसानों को दिल्ली के बुराड़ी में प्रदर्शन करने का प्रस्ताव किया।

पिछले दो महीने से केन्द्रीय कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब में चल रहे किसानों के आंदोलन का फोकस अब दिल्ली की सीमाओं पर आ टिका है, किसान पूरे लाव-लश्कर के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देना चाहते हैं, केन्द्र सरकार ने इन किसानों को बुराई में प्रदर्शन करने के लिये जगह का प्रस्ताव किया, लेकिन किसानों ने इसे नामंजूर कर दिया, पंजाब के यूं तो छोटे बड़े 31 किसान संगठन है, लेकिन इनमें सबसे बड़ा नाम भारतीय किसान यूनियन उगराहां का है, इस संगठन की कमान 75 वर्षीय एक पूर्व फौजी जोंगिदर सिंह उगराहां के हाथ में है, जो इस संगठन के संस्थापक और अध्यक्ष है।

बातचीत का निमंत्रण
मोदी सरकार में नंबर दो और केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जोगिंदर सिंह को फोन कर बातचीत का निमंत्रण किया, साथ ही किसानों को दिल्ली के बुराड़ी में प्रदर्शन करने का प्रस्ताव किया, amit shah41 जिसे किसान नेता ने ठुकरा दिया, उगराहां ने कहा कि जंतर-मंतर पर किसान धरना देना चाहते हैं, ये उनका संवैधानिक अधिकार है, उनके मुताबिक दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर धरने की इजाजत ना देकर असंवैधानिक काम किया है।

बैरिकेडिंग ना तोड़ने की अपील
जोगिंदर सिंह उगराहां के अनुसार अगर जंतर-मंतर पर धरने की इजाजत नहीं दी जाती है, तो किसान दिल्ली की सीमा पर ही डेरा डाल कर प्रदर्शन करेंगे, हालांकि जोगिंदर सिंह ने बैरिकेडिंग तोड़ने जैसी घटनाओं का समर्थन नहीं किया है, उन्होने कहा कि हम हिंसा से दूर रहना चाहते हैं, अगर हमें बैरिकेडिंग तोड़नी होती, तो हम किसानों को पहले ही बता देते, मैंने बैरिकेडिंग तोड़ने वाले युवा किसानों से अपील की है, कि वो ऐसा ना करें, इससे हमारा आंदोलन कमजोर होगा, ये सब करना हमारे संगठन की पॉलिसी नहीं है।

कौन है जोगिंदर सिंह उगराहां?
बीकेयू उगराहां के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह पंजाब के संगरुर जिले के सुनाम में उगराहां गांव के रहने वाले हैं, वो पूर्व फौजी हैं, 1945 में जन्मे जोगिंदर सिंह मूलतः किसान परिवार से नाता रखते हैं, 4 भाई और 4 बहने वाले परिवार में पले-बढे जोगिंदर को साल 1975 में सेना में नौकरी लगी थी, लेकिन दो साल बाद ही उन्होने पारिवारिक कारणों से नौकरी छोड़ दी, इसके बाद खेती-बाड़ी पर फोकस किया, फिर डेयरी खोली, उनके पास सिर्फ 5 एकड़ जमीन है, उनकी दो बेटियां है, और दोनों की शादी हो चुकी है। जोगिंदर छोटे किसान होने के नाते गरीब किसानों के दुख दर्द को समझते हैं, साल 2002 में उन्होने भारतीय किसान यूनियन उगराहां की स्थापना की, इस किसान संगठन की मालवा क्षेत्र में अच्छी पैठ मानी जाती है, और जोगिंदर सिंह की छवि ईमानदार है।

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