15 महीनों में कमलनाथ से शिवराज ने छीनी मुख्यमंत्री की कुर्सी, चौथी बार बने मध्य-प्रदेश के CM

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CM Shivraj singh

सोमवार रात 9 बजे राजभवन में बीजेपी नेता शिवराज सिंह को चौथी बार मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई. शिवराज सिंह को चौथी बार एमपी की सत्ता हासिल हुई है.

मध्य प्रदेश में सियासी घमासान के बाद आखिरकार शिवराज सिंह ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है और सीएम बनने पर राज्यपाल ने उन्हें हाथ मिलाते हुए बधाई दी. शिवराज सिंह (Shivraj Singh MP CM) का शपथ समारोह सादगी के साथ राजभवन में किया गया और कोरोना के खतरे को देखते हुए लगभग सभी नेता मास्क लगाकर समारोह में शामिल हुए. खास बात ये है कि, शिवराज ने 15 महीनोंं में ही कमलनाथ से मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छीन ली और खुद एमपी की कमान संभाल ली. इससे पहले शिवराज सिंह 3 बार मध्यप्रदेश के सीएम रह चुके हैं. लेकिन, कमलनाथ तो पूरे 15 साल बाद मुख्यमंत्री बने थे पर उनकी पार्टी के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनके साथ से जीती जिताई बाजी छीन ली और भर दी झोली बीजेपी की. बता दें, शपथ दिलाने से पहले शिवराज सिंह को विधायक दल का नेता भी चुन लिया गया था.

दरअसल, ज्योतिरादित्य सिंधिया की वजह से ही कांग्रेस पार्टी पर संकट आया क्योंकि, सिंधिया के साथ-साथ 22 विधायकों ने भी अपना इस्तीफा कमलनाथ सरकार को सौंप दिया था. इन विधायकों में 5 मंत्री शामिल थे. जिनके चले जाने से कमलनाथ की सरकार गिर गई. खुद कमलनाथ को जब लगा कि, वो अब सदन में बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे तो उन्होंने भी फ्लोर टेस्ट से पहले पद से इस्तीफा दे दिया और जाते-जाते बीजेपी पर गंभीर आरोप लगा दिए. जिनका कोई खास फर्क नहीं पड़ा क्योंकि, बीजेपी ने शिवराज सिंह के हाथों में मध्य प्रदेश सौंप दिया.

सिंधिया को मिलेगा श्रेय
बीजेपी की इस जीत का श्रेय अगर देखा जाए तो सिंधिया को ही मिलता है. क्योंकि, उनके जाने से ही कांग्रेस पार्टी में हलचल मच गई. नतीजा ये हुआ कि, सिंधिया जैसे ही बीजेपी में शामिल हुए उन्हें वहां अपना पद मिल गया और बाकी विधायक भी कमलनाथ से बागी हो चले. वैसे काफी समय से कयास लगाए जा रहे थे कि, सिंधिया भगवा रंग में रंग सकते हैं. जिसे उन्होंने साबित भी कर दिखाया. ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस पार्टी के काफी दिग्गज माने जाते थे पर उनकी कमलनाथ सरकार से अंदर ही अंदर ऐसी खटपट हुई कि, कांग्रेस के हाथ से पूरा राज्य निकल गया.

कब-कब बने मुख्यमंत्री
बता दें, 29 नवंबर 2005 में शिवराज सिंह पहली बार मध्य प्रदेश के सीएम बने थे इसके बाद 12 दिसंबर 2008 में उन्हें सीएम पद की शपथ दिलाई गई और तीसरी बार 8 दिसंबर 2013 में उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी मिली. चौथी बार शिवराज सिंह ने 15 महीनों में कमलनाथ से सीएम की कुर्सी छीनकर अपने नाम की.

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