Friday, April 23, 2021

आखिरकार हुआ शिवराज कैबिनेट का गठन, सिंधिया गुट का खास ख्याल, वीडियो

सिंधिया के गुट का खास ख्याल रखा गया है, ज्योतिरादित्य ने बीते शुक्रवार को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।

28 दिनों के बाद एमपी में शिवराज कैबिनेट का गठन हो गया, बीजेपी खेमे से 3 तथा कांग्रेस से बीजेपी में आये ज्योतिरादित्य सिंधिया के दो करीबियों ने मंत्री के रुप में शपथ लिया है, कैबिनेट गठन में क्षेत्रीय और जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश की गई है, बीजेपी से वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा जो ग्वालियर से विधायक हैं, चंबल संभाग और सवर्ण जाति से हैं, उनके अलावा मीना सिंह आदिवासी बहुल इलाके उमरिया जिले के मानपुर सीट से विधायक हैं, एक समय बगावती तेवर दिखाने वाले कमल पटेल हरदा से विधायक हैं और ओबीसी वर्ग से आते हैं, सिंधिया गुट के तुलसी सिलावट पूर्व स्वास्थ्य मंत्री रह चुके हैं, साथ ही अनुसूचित जाति के बड़े नेता माने जाता हैं, साथ ही गोविंद सिंह राजपूत बुदेलखंड से आते हैं, और कमलनाथ सरकार में परिवहन और राजस्व का जिम्मा संभाल रखा था।

ईमानदारी से काम करेंगे
शपथ लेने के बाद विधायक नरोत्तम मिश्रा ने सीएम शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय नेतृत्व को धन्यवाद कहा, उन्होने कहा कि उनके पास एक दर्जन विभागों में काम करने का अनुभव है, उन्हें जो भी विभाग दिया जाएगा, ईमानदारी से काम करेंगे, उन्होने ये भी कहा कि कोरोना की वजह से मंत्रिमंडल का छोटा गठन हुआ है, अभी तक सीएम शिवराज ही टीम मोदी के रुप में काम कर रहे थे, अब हम सब मिलकर शिवराज के नेतृत्व में काम करेंगे, हालांकि प्रदेश के सबसे वरिष्ठ विधायक और लगातार 15 साल तक मंत्री रहे गोपाल भार्गव को पहले चरण में जगह नहीं मिलने से कुछ विधायक नाराज भी हैं।

सिंधिया ने की थी मुलाकात
आपको बता दें कि सिंधिया के गुट का खास ख्याल रखा गया है, ज्योतिरादित्य ने बीते शुक्रवार को केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी, उन्होने उनसे कहा था कि जो भी विधायक उनके साथ कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आये हैं, उन्हें उचित मान-सम्मान दें, कहा जा रहा है कि इसके साथ ही सिंधिया ने बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के पास भी अपनी मांग रखी थी, जिसके बाद उनके गुट के दो मंत्रियों को पहले ही चरण मे शपथ दिलाया गया है।

कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल
मालूम हो कि पिछले महीने 11 मार्च को पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए हैं, उनके साथ 22 विधायकों ने भी कांग्रेस से इस्तीफा दिया है, इन विधायकों की वजह से ही कमलनाथ सरकार गिर गई, जिसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने चौथी बार प्रदेश के नये मुख्यमंत्री के रुप में शपथ ली थी।

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