ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुताबिक पिछले एक साल से एमपी में सरकार युवाओं की बात को अनसुना कर रही थी।

एमपी में सियासी पारा उफान पर है, प्रदेश सरकार और विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है, दरअसल ये तो सभी को पता है कि इस सियासी उठापटक की शुरुआत ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने की वजह से हुई, अब तक लोग जानना चाहते हैं कि आखिर क्या वजह रही कि सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होने का फैसला लिया, तो पहली बार सिंधिया ने इस पर चुप्पी तोड़ी है।

क्यों छोड़ा कांग्रेस
ज्योतिरादित्य के मुताबिक पिछले एक साल से एमपी में सरकार युवाओं की बात को अनसुना कर रही थी, प्रदेश सरकार में भ्रष्टाचार व्याप्त है, साथ ही चुनाव से पहले हमने वायदा किया था कि दस दिनों में किसानों का कर्जमाफ किया जाएगा, लेकिन 16 महीने बीत जाने के बाद भी वादा पूरा नहीं किया गया, सिंधिया ने कहा कि इन्हीं वजहों से वो कांग्रेस छोड़ने को मजबूर हुए। मैंने हर जगह आवाज उठाने की कोशिश की, लेकिन हमारी बात को अनसुना किया गया, तो मैंने पार्टी छोड़ने का फैसला लिया।

बीजेपी में शामिल
कांग्रेस छोड़ने के अगले ही दिन 11 मार्च में ज्योतिरादित्य सिंधिया बीजेपी में शामिल हो गये, खुद बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई, इस खास मौके पर उन्होने पीएम मोदी, अमित शाह और नड्डा को धन्यवाद कहा था कि जिन्होने अपने परिवार में हमें जगह दी।

22 विधायकों ने दिया है इस्तीफा
मालूम हो कि सिंधिया के समर्थन में एमपी कांग्रेस के 22 विधायकों ने अपना इस्तीफा विधानसभा स्पीकर को भेज दिया है, हालांकि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है, स्पीकर का कहना है कि फेस टू फेस मिलने के बाद ही वो इस्तीफा स्वीकार करेंगे, क्यों कि हो सकता है कि इन विधायकों से जबरदस्ती इस्तीफा दिलवाया जा रहा हो, कांग्रेस के बागी विधायक बंगलुरु के एक होटल में ठहरे हुए हैं।

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