अपने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने काफी तल्ख तेवर दिखाया, उन्होने अपने इरादे जाहिर करते हुए कहा कि अगले कुछ महीनों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव उनका अगला मिशन है।

जदयू से निकाले जाने के बाद चुनावी रणनीतिकार और पूर्व उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर पहली बार मीडिया से रुबरु हुए, उन्होने सीएम नीतीश कुमार और बिहार की मौजूदा राजनीति पर अपनी बातें रखी, साथ ही ये भी बता दिया, कि वो इस बार किसी पार्टी या नेता के लिये नहीं बल्कि बतौर राजनीतिक कार्यकर्ता बिहार आये हैं और लंबे समय तक रहेंगे, बीजेपी-जदयू समेत देश की कई राजनीतिक पार्टियों के लिये काम कर चुके पीके का अगला मिशन बिहार विधानसभा चुनाव है।

अगला मिशन
अपने प्रेस कांफ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने काफी तल्ख तेवर दिखाया, उन्होने अपने इरादे जाहिर करते हुए कहा कि अगले कुछ महीनों में होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव उनका अगला मिशन है, इसके साथ ही नीतीश और बीजेपी के साथ-साथ उन्होने वामपंथी नेता कन्हैया कुमार को लेकर भी अपने विचार प्रकट किये।

बिहार के लड़के हैं कन्हैया
पीके ने राजधानी पटना में मीडिया से बात करते हुए कन्हैया कुमार को लेकर कहा कि वो उनसे पहले मिले हैं, वो बिहार के लड़के हैं, कुछ करना चाहते हैं, मुझे उनसे कोई गुरेज नहीं है, मालूम हो कि सीपीआई नेता कन्हैया कुमार पिछले 15 दिनों से बिहार में जन गण मन यात्रा कर रहे हैं, जिसमें वो केन्द्र सरकार द्वारा पारित नागरिकता कानून के खिलाफ लोगों को एकजुट करने की कोशिश में हैं, इस यात्रा के दौरान बिहार के कई जिलों में कन्हैया के काफिले पर हमला हो चुका है, जिसे लेकर वो चर्चा में बने हुए हैं।

नीतीश पर निशाना
इसस पहले पीके ने बिहार के मौजूदा सीएम और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को लेकर भी काफी सारी बातें की, उन्होने सुशासन बाबू के विकास के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका नीतीश कुमार से 2 बातों पर खास मतभेद रहा है, सीएम नीतीश गांधी-लोहिया और जेपी के विचार को मानने की बातें करते रहे हैं, लेकिन जो लोग गोडसे की विचारधारा के साथ खड़े हैं, उनके साथ नीतीश कैसे खड़े हैं, दोनों बातें एक साथ नहीं होनी चाहिये।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here