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25 जनवरी 2005 को तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की दिनदहाड़े गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई थी, इस हत्याकांड ने पूरे शहर को हिंसा की आग में झोंक दिया था।

उत्तर प्रदेश जनसंख्या के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य है, कहा जाता है कि दिल्ली का रास्ता यूपी से होकर गुजरता है, दिल्ली में किसकी सरकार बनेगी ये यूपी ही तय करता है, यूपी ने देश को कई प्रधानमंत्री दिये, तो दूसरी वजहों से भी ये राज्य खूब चर्चा में रहा है, ऐसा ही एक चर्चित कांड था प्रयागराज का राजू पाल हत्याकांड, इस केस में मुलायम सिंह यादव के पूर्व सहयोगी अतीक अहमद और उसके भाई का नाम आया था, राजू पाल की हत्या के बाद उनकी विधवा पर मायावती और अखिलेश यादव ने बारी-बारी से भरोसा जताया।

दिनदहाड़े हत्या
25 जनवरी 2005 को तत्कालीन बसपा विधायक राजू पाल की दिनदहाड़े गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई थी, इस हत्याकांड ने पूरे शहर को हिंसा की आग में झोंक दिया था। इलाहाबाद पश्चिम सीट से विधायक रहे राजू की हत्या के बाद उनकी राजनीतिक विरासत पत्नी पूजा पाल ने संभाली, मायावती ने कुद प्रयागराज पहुंचकर पूजा को बसपा से विधानसभा का टिकट सौंपा था।

2 बार विधायक
पूजा पाल 2 बार बसपा से विधायक बनी, फिर 2017 में बसपा छोड़ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गई, अखिलेश यादव ने भी उन पर भरोसा जताया, 2019 में लोकसभा चुनाव का टिकट दिया। पूजा बेहद गरीब परिवार से नाता रखती हैं, उनके पिता पंचर की दुकान चलाया करते थे, वो खुद कभी अस्पताल में तो कभी किसी दफ्तर में तो कभी किसी के घर में झाड़ू पोछा का काम करके अपना गुजारा करती थीं।

राजू से प्यार और शादी
किसी अस्पताल में ही उनकी मुलाकात राजू पाल से हुई थी, दोनों में प्यार हुआ फिर विधायक बनने के बाद राजू ने पूजा से शादी कर ली, हालांकि नियति को कुछ और ही मंजूर था, शादी के 9 दिन बाद 25 जनवरी 2005 को पूजा का सुहाग उजड़ गया। पति की हत्या के बाद पूजा पाल ने उनकी राजनीति को आगे बढाई, बाहुबली अतीक अहमद के साम्राज्य का पतन कर दिया।

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