होम मिनिस्ट्री की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पीएफआई के 73 बैंक खातों से 120 करोड़ का लेन-देन सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिये हुआ है।

देशभर में सीएए के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन जारी है, इस बीच एक बड़ा खुलासा हुआ है, इसके मुताबिक इस आंदोलन के दौरान कांग्रेस के एक नेता के अकाउंट में बड़ी राशि ट्रांसफर की गई है, एक न्यूज चैनल पर चल रही रिपोर्ट के अनुसार सीएए आंदोलन के दौरान यूपी में जो हिंसा हुई थी, उसके तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े हुए हैं, इसका मतलब निकाला जा रहा है कि नागरिकता कानून के खिलाफ हिंसा फैलाने के लिये आरोपी पीएफआई के संपर्क में था।

120 करोड़ का लेन-देन
होम मिनिस्ट्री की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पीएफआई के 73 बैंक खातों से 120 करोड़ का लेन-देन सीएए के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के लिये हुआ है, इस लेन -देन में सुप्रीम कोर्ट की वरिष्ठ वकील इंदिरा जय सिंह और कपिल सिब्बल का नाम है। चैनल की रिपोर्ट के अनुसार पीएफआई के बैंक खाते से देश के कई नामचीन वकीलों को पैसे ट्रांसफर किये गये हैं, जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वकील कपिल सिब्बल को 77 लाख रुपये ट्रांसफर किये गये हैं, साथ ही इंदिरा जय सिंह के खाते में भी 4 लाख रुपये ट्रांसफर किये गये हैं, दंगों के दौरान पीएफआई की कश्मीर यूनिट को भी 1.65 करोड़ रुपये दिये गये, जांच में पीएफआई के कुल 73 बैंक खातों का पता चला है।

पश्चिमी यूपी के कई बैकों में जमा किये गये पैसे
रिपोर्ट के मुताबिक ईडी की रिपोर्ट में पता चला है कि दिसंबर में सीएए के पास होने के बाद पश्चिमी यूपी के हिंसाग्रस्त इलाकों बहराइच, बिजनौर, हापुड़, शामली और डासना के कई बैंक खातों में पैसे भेजे गये थे, जब मामले की जांच शुरु हुई, तो पता चला कि पीएफआई के 73 बैंक खातों से दो से तीन दिन के भीतर करीब 120 करोड़ रुपये जमा किये गये हैं, इन पैसों को तुरंत निकाल लिया गया।

मामले की जांच हो -बीजेपी
मामले के खुलासे के बाद बीजेपी नेता और केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि अगर इतना बड़ा लेन-देन किसी खास दिन हुआ है, तो इसकी जांच होनी चाहिये। इससे पहले पिछले महीने दिसंबर में यूपी पुलिस ने कहा था कि सीएए के खिलाफ राजधानी लखनऊ में हिंसा के मामले पीएफआई ने भड़काये, मामले में प्रदेश प्रमुख और अन्य 16 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया था।

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