Wednesday, May 12, 2021

जमानत पर चल रहे विधायक को मंत्री बनाने पर बवाल, तेजस्वी ने CM नीतीश पर लगाये गंभीर आरोप!

तारापुर से नवनिर्वाचित जदयू विधायक मेवालाल चौधरी को पहली बार कैबिनेट में शामिल किया गया है, राजनीति में आने से पहले साल 2015 तक वो भागलपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति थे।

बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने जदयू कोटे से डॉ. मेवालाल चौधरी को मंत्री बनाया है, मेवालाल पर असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती में धांधली करने का आरोप रहा है, इसके बाद भी नीतीश कुमार ने ना सिर्फ मेवालाल को मंत्री बनाया, बल्कि शिक्षा मंत्रालय की अहम मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी है, राजद लगातार इसे लेकर सिर्फ सीएम नीतीश पर निशाना साध रही है, बुधवार को तेजस्वी यादव ने इसे लेकर एक ट्वीट किया है, जिसमें उन्होने भ्रष्टाचारियों को पुरस्कार देने की बात कही है।

तेजस्वी का ट्वीट
राजद विधायक दल के नेता तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर लिखा है, सीएम नीतीश कुमार ने असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति और भवन निर्माण में भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में आईपीसी 409, 420, 467, 468, 471 और 120बी के तहत आरोपी मेवालाल चौधरी को शिक्षा मंत्री बनाकर क्या भ्रष्टाचार करने का ईनाम तथा लूटने की खुली छूट प्रदान की है।

राजद ने कसा था तंज
आपको बता दें कि इससे पहले राजद ने ट्वीट कर कहा था कि जिस भ्रष्टाचारी जदयू विधायक को सुशील कुमार मोदी खोज रहे थे, उसे नीतीश कुमार ने मंत्री पद से नवाजा है, वहीं बिहार के नये शिक्षा मंत्री से पूछताछ के लिये पूर्व आईपीएस अमिताभ दास ने डीजीपी एसके सिंघल को चिट्ठी लिखी है।

मेवालाल पर गंभीर आरोप
आपको बता दें कि तारापुर से नवनिर्वाचित जदयू विधायक मेवालाल चौधरी को पहली बार कैबिनेट में शामिल किया गया है, राजनीति में आने से पहले साल 2015 तक वो भागलपुर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति थे, साल 2015 में रिटायर्ड होने के बाद राजनीति में आये, वो जदयू के टिकट पर तारापुर से चुनाव लड़े और जीत गये, हालांकि चुनाव जीतने के बाद मेवालाल नियुक्ति घोटाले में आरोपित किये गये, इस घोटाले का मामला सबौर थाने में साल 2017 में दर्ज किया गया था, मामले में विधायक ने कोर्ट से अंतरिम जमानत ले ली थी।

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