Friday, April 23, 2021

शीला कुमारी- ससुर राज्यपाल, जेठ RJD विधायक, पति इंजीनियर, पहली बार में ही नीतीश ने दिया मंत्री पद!

शीला कुमारी ने फुलपरास से कांग्रेस के कद्दावर नेता कृपानाथ पाठक के खिलाफ जीत हासिल की है, 42 साल बाद इस सीट से जीतने वाला कोई विधायक मंत्री बना है।

बिहार में नीतीश कैबिनेट के कई नये चेहरों ने इस बार लोगों को हैरान किया है, इस चुनाव में अगर किसी के सितारे चमके हैं, तो वीआईपी के मुकेश सहनी और फुलपरास से नवनिर्वाचित विधायक शीला कुमारी का, सहनी बिना चुनाव जीते ही मंत्रिमंडल का हिस्सा हैं, तो वहीं शीला कुमारी के चुनाव जीतने पर ही कैबिनेट में शामिल होने पर सभी हैरान हैं, शीला पहली बार चुनाव लड़ी है और रिकॉर्ड वोटों से जीती है, 1952 से अब तक सबसे ज्यादा वोट पाने का रिकॉर्ड भी उनके नाम है।

कद्दावर नेता को हराया
शीला कुमारी ने फुलपरास से कांग्रेस के कद्दावर नेता कृपानाथ पाठक के खिलाफ जीत हासिल की है, 42 साल बाद इस सीट से जीतने वाला कोई विधायक मंत्री बना है, 50 साल की शीला कुमारी एक मिडिल क्लास फैमिली से ताल्लुक रखती है, उनके पति इंजीनियर हैं, बिहार कैबिनेट में जातिय समीकरणों का ध्यान रखा गया है, शीला पिछड़ी जाति से ताल्लुक रखती हैं, इस बार फुलपरास में दो बार चुनाव जीतने वाले गुलजार देवी का टिकट काटकर शीला को उम्मीदवार बनाया गया है।

राजनीति में परिवार
शीला कुमारी के चचेरे ससुर धनिक लाल मंडल फुलपरास से विधायक रह चुके हैं, बाद में वो लोकसभा पहुंच गये और मोरारजी देसाई सरकार में केन्द्रीय मंत्री भी रहे, वो हरियाणा के राज्यपाल भी रह चुके हैं, वहीं शीला मंडल के जेठ भारत भूषण लौकहा से राजद के विधायक हैं।

महिलाओं का समर्थन
चुनाव परिणाम के बाद कहा जा रहा था कि बिहार में एनडीए की जीत के पीछे महिलाओं का बड़ा समर्थन है, बेतिया से विधायक रेणु देवी को कैबिनेट में शामिल किया गया है, जो कि अति पिछड़ी जाति से आती हैं और बीजेपी का महिला चेहरा हैं, वो लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में एक्टिव रही हैं, वो बीजेपी महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं, 2015 के विधानसभा चुनाव में हार गई थी, जिसके बाद संगठ के काम में लग गई थी।

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