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5 जनवरी 1955 को कोलकाता में पैदा होने वाले ममता बनर्जी केन्द्र में कांग्रेस और बीजेपी सरकार में मंत्री रह चुकी हैं, ममता का राजनीतिक सफर साल 1970 में कांग्रेस के साथ शुरु हुआ था।

पश्चिम बंगाल में टीएमसी ने प्रचंड बहुमत हासिल किया है, इसके साथ ही टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने लगातार तीसरी बार सीएम पद की शपथ ली, राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने राजभवन में ममता दीदी को पद तथा गोपनीयता की शपथ दिलाई, शपथ लेने के बाद ममता बनर्जी ने बंगाल में हो रही हिंसा को लेकर चुप्पी भी तोड़ी, उन्होने कहा कि राजनीतिक पार्टियों से अपील है, शांति बनाये रखें, बंगाल को अशांति पसंद नहीं, अगर कोई अशांति करता है, तो हम एक्शन लेंगे।

वामदलों को उखाड़ फेंका
ममता बनर्जी ने बंगाल में सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले वाम मोर्चे के खिलाफ जबरदस्त संघर्ष किया, उन्होने 2011 में 34 साल लंबे कम्युनिस्ट शासन को उखाड़ फेंका, एक समय था, जब बंगाल में वाम दलों की हार अकल्पनीय थी, लेकिन ममता दीदी ने संघर्ष के बूते वाम दलों का अस्तित्व ही मिटा दिया। नतीजा ये रहा कि 2021 विधानसभा चुनाव में वामदलों का खाता तक नहीं खुला।

केन्द्र में मंत्री
5 जनवरी 1955 को कोलकाता में पैदा होने वाले ममता बनर्जी केन्द्र में कांग्रेस और बीजेपी सरकार में मंत्री रह चुकी हैं, ममता का राजनीतिक सफर साल 1970 में कांग्रेस के साथ शुरु हुआ था, 1976 से 1980 तक वो महिला कांग्रेस की महासचिव रहीं, 1984 लोकसभा चुनाव में ममता ने जादवपुर सीट पर दिग्गज नेता सोमनाथ चटर्जी को हराया था।

कांग्रेस छोड़ अलग पार्टी
ममता बनर्जी ने अप्रैल 1997 में कांग्रेस पर बंगाल में सीपीएम की कठपुतली होने का आरोप लगाया और पार्टी छोड़ दी, फिर 1 जनवरी 1998 को अपनी अलग पार्टी तृण मूल कांग्रेस का ऐलान किया, वो खुद अध्यक्ष बनीं, 1998 लोकसभा चुनाव में उनकी पार्टी ने 8 सीटों पर कब्जा किया, फिर 2011 में पहली बार बंगाल में सरकार बनाने में सफल रही, अब लगातार तीसरी बार बंगाल की सीएम बनीं हैं।

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