उद्धव ठाकरे के करीबियों ने ही शुरु किया खेल, खतरे में कुर्सी!

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महाराष्ट्र में ठाकरे सरकार के लिये दोहरी मुसीबत बढती जा रही है, एक तरफ तो कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार पर संवैधानिक खतरा बढता जा रहा है।

भारत में कोरोना का सबसे ज्यादा असर महाराष्ट्र में देखने को मिल रहा है, प्रदेश सरकार कोरोना से निपटने के लिये हर मुमकिन कोशिश कर रही है, इस बीच अब उद्धव ठाकरे सरकार पर सियासी संकट गहराता जा रहा है, दरअसल उद्धव ठाकरे का बतौर मुख्यमंत्री 6 महीने का कार्यकाल पूरा होने वाला है, इसमें एक महीने से कम का समय रह गया है, लेकिन वो अभी तक किसी सदन का सदस्य नहीं बने हैं, इसे लेकर महाराष्ट्र कैबिनेट ने राज्यपाल के पास प्रस्ताव भेजा है, कि ठाकरे को बतौर एमएलसी मनोनीत किया जाए, लेकिन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने भी मामले पर चुप्पी साध रखी है, जिससे शिवसेना सरकार की मुश्किल बढती जा रही है।

दोहरी मुसीबत
महाराष्ट्र में ठाकरे सरकार के लिये दोहरी मुसीबत बढती जा रही है, एक तरफ तो कोरोना मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सरकार पर संवैधानिक खतरा बढता जा रहा है, सरकार इस इस संकट को दूर करने के लिये कैबिनेट बैठक में उद्धव ठाकरे को राज्यपाल द्वारा मनोनीत किये जाने का प्रस्ताव पास कर गवर्नर के पास भेजा गया है, लेकिन राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कोई फैसला नहीं लिया है, बीस दिन बाद फिर कैबिनेट ने एक रिमाइंडर प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा है।

आज करेंगे मुलाकात
बताया जा रहा है कि आज शाम करीब 6 बजे महाविकास अघाड़ी सरकार के नेता गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर सीएम उद्धव ठाकरे को विधान परिषद में मनोनीत करने की गुजारिश करेंगे, हालांकि उससे पहले शाम 5 बजे राजभवन में एक कार्यक्रम होना है, जिसमें सीएम और राज्यपाल दोनों उपस्थित रहेंगे, ये कार्यक्रम बंबई हाई कोर्ट के मुख्य न्यायधीश के शपथ ग्रहण का है।

अजित पवार की अगुवाई में फैसला
मालूम हो कि बीते 6 अप्रैल को प्रदेश कैबिनेट बैठक में सीएम उद्धव ठाकरे मौजूद नहीं थे, डिप्टी सीएम अजित पवार की अगुवाई में ये बैठक हुआ था, जिसमें सर्वसम्मति से ये फैसला लिया गया था कि मौजूदा हालात को देखते हुए विधान परिषद का चुनाव फिलहाल नहीं कराया जा सकता, ऐसे में राज्यपाल सीएम को विधानपरिषद का सदस्य मनोनीत करें, आपको बता दें कि राज्यपाल दो सदस्यों को विधान परिषद में मनोनीत कर सकते हैं।