दिग्विजय सिंह की होटल में दाखिल होने को लेकर होटल प्रबंधन के साथ बहस भी हुई, जिसकी तस्वीर में मंत्री जयवर्धन सिंह और विधायक रमाबाई भी दिख रहे हैं।

कर्नाटक के बाद अब मध्य प्रदेश में भी सरकार को अस्थिर करने का खेल शुरु हो गया है, कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने बीजेपी पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया है, उन्होने कहा कि विपक्षी पार्टी ने गुरुग्राम के एक होटल में 10 से 11 विधायकों को रखा था, जिसमें से 6 से 7 विधायकों को बीजेपी के कब्जे से मुक्त करा लिया गया है, दिग्गी राजा ने बताया कि अब सिर्फ 4 विधायक ही बीजेपी के पास हैं।

होटल में रुके थे
हालांकि दिग्विजय सिंह और कमलनाथ सरकार में मंत्री जयवर्धन सिंह को सिर्फ बसपा से निष्कासित विधायक रमाबाई के साथ लौटते हुए देखा गया, इन सबके बीच गुरुग्राम में रात भर सियासी ड्रामा चलता रहा, रिपोर्ट के मुताबित नरोत्तम मिश्रा एमपी के 5 विधायकों के साथ होटल में रुके थे।

दूसरी जगह किया गया शिफ्ट
इन सबके बीच नया अपडेट ये है कि बाकी बचे विधायकों को गुरुग्राम के होटल से कहीं बाहर शिफ्ट किया गया है, दिग्गी राजा के दावे से अलग खबर ये है कि गुरुग्राम के आईटीसी होटल में सिर्फ 5 विधायकों को रखा गया था, जिनमें से रमा देवी को कांग्रेस नेता अपने साथ वापस ले जाने में सफल रहे, बताया जा रहा है कि पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को होटल के मुख्य हिस्से में जाने से रोक दिया, जिसके बाद हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद दिग्विजय सिंह, जयवर्धन सिंह और जीतू पटवारी वहां से वापस लौट गये।

विधायकों को बंधक बनाकर रखा गया
दिग्विजय सिंह की होटल में दाखिल होने को लेकर होटल प्रबंधन के साथ बहस भी हुई, जिसकी तस्वीर में मंत्री जयवर्धन सिंह और विधायक रमाबाई भी दिख रहे हैं, कांग्रेस का आरोप है कि बीजेपी नेता के साथ कांग्रेस विधायक बिसाहुलाल समेत कुछ कांग्रेस विधायकों को बंधक बनाकर रखा गया है, कांग्रेस ने बीजेपी पर कांग्रेस विधायकों की हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया है, दिग्गी राजा ने बीजेपी पर कमलनाथ सरकार को अस्थिर करने का आरोप लगाया है।

हरियाणा में बीजेपी सरकार
कांग्रेस नेता का आरोप है कि हरियाणा में बीजेपी सरकार होने की वजह से बीजेपी के नेताओं ने गुरुग्राम के इस होटल को चुना है, बहरहाल खबर बाहर आने के बाद सियासी हंगामा खड़ा हो गया है, भोपाल से लेकर दिल्ली और गुरुग्राम तक इसकी खूब चर्चा हो रही है।

राज्यसभा चुनाव से पहले सियासी ड्रामा
दरअसल एमपी के कोटे से राज्यसभा की 3 सीटों को लेकर घमासान मचा है, वर्तमान में राज्य विधानसभा में 228 विधायक हैं, दो विधायकों की मृत्यु होने के बाद दो सीटें खाली है, जिसमें कांग्रेस के पास 114, बीजेपी के 107 विधायक हैं, बाकी नौ सीटों में 2 बसपा, 1 सपा और 4 निर्दलीय विधायक हैं, बीजेपी की नजर असंतुष्ट विधायकों पर है, यही वजह है कि मंत्री पद नहीं मिलने से नाराज आदिवासी विधायक बिसाहुलाल सिंह समेत दूसरे कांग्रेस विधायक बीजेपी के साथ दिख रहे हैं, हालांकि कांग्रेस विधायकों के पाला बदलने की खबरों को लेकर सतर्क है।

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