Friday, April 23, 2021

बिहार चुनाव में इस बार क्यों नहीं हो रही हेमा मालिनी की चर्चा, लालू-नीतीश से है खास कनेक्शन!

बिहार की सड़कों तथा लालू यादव को लेकर एक किस्सा बेहद फेमस है, राजद सुप्रीमो ने एक बार अपने भाषण में कहा था कि हम बिहार की सड़कों को हेमा मालिनी के गालों की तरह बनाएंगे।

बिहार चुनाव में नीतीश-लालू की बात हो, और हेमा मालिनी का जिक्र ना हो, थोड़ा अन्याय सा लगता है, दरअसल 1995 से लेकर अब तक जितने भी चुनाव हुए हैं, उसमें किसी ना किसी प्रकार सदाबहार एक्ट्रेस हेमा मालिनी की चर्चा जरुर होती है, दरअसल इसका कनेक्शन भी लालू-नीतीश से ही जुड़ता है, बात 1995 विधानसभा चुनाव की है, तब लालू यादव सीएम थे और जनता के बीच जाकर वोट मांग रहे थे, तब बिहार के सड़क की स्थिति बेहद बुरी थी, सड़कों में गड्ढे हैं ये गड्ढे में सड़क, ये भी पता करना मुश्किल था, इसी दौर में लालू ने हेमा मालिनी की एंट्री करवा दी।

भाषण में जिक्र
बिहार की सड़कों तथा लालू यादव को लेकर एक किस्सा बेहद फेमस है, राजद सुप्रीमो ने एक बार अपने भाषण में कहा था कि हम बिहार की सड़कों को हेमा मालिनी के गालों की तरह बनाएंगे, लालू के इस बात को फिर दोहराया, उन्होने कहा कि बिहार सड़कों को हेमा मालिनी के गालों की तरह मुलायम और चिकना बना दूंगा, पटना की सभा में लालू के इस भाषण के बाद दूसरे दिन मीडिया में उनके ये शब्द प्रमुखता से छपे।

बाद में सफाई
हालांकि विवाद बढा, कि एक महिला के लिये ऐसी बातें कोई कैसे कह सकता है, तो लालू कहने लगे कि मैंने ऐसा नहीं कहा था लेकिन हेमा जी बहुत सुंदर है, इसके बाद बिहार सरकार के आर्ट एंड कल्चरल विभाग के कार्यक्रम में हेमा मालिनी का डांस ग्रुप हिस्सा लेने पहुंचा था, उस कार्यक्रम में लालू भी थे, उन्होने स्टेज पर उनके सामने उनकी खूब तारीफ की। लालू ने कहा था कि धर्मेन्द्र मेरे बड़े भैया हैं, तो आप मेरी भाभी हैं, वहीं लालू ने हेमा को बताया कि हम आपसे और आपकी कला से इतना प्यार करते हैं कि अपनी एक बेटी का नाम हेमा रखा है, हालांकि लालू हेमा मालिनी के कितने बड़े प्रशंसक है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एक पत्रकार के सवाल पर उन्होने कहा कि हेमा मालिनी मेरी फैन है, और मैं उनका एयर कंडीशन हूं।

बदला है बिहार
हालांकि अब बिहार बदल चुका है, अब सड़कों में वैसे गड्ढे नजर नहीं आते हैं, सड़कों के विकास के लिये सीएम नीतीश कुमार ने काम किये हैं, हालांकि जैसी उम्मीद थी, वैसा भी काम नहीं हुआ है, राजनीतिक समीक्षक कहते हैं कि वादा तो लालू ने किया था, लेकिन उसे पूरा नीतीश ने किया है, इसी वजह से इस बार बिहार चुनाव में सड़कों का मुद्दा गौण है, विकास के नये पैमानों की बातें हो रही है।

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