Kumar Vishwas manju

कुमार विश्वास ने इंजीनियरिंग की पढाई बीच में छोड़ हिंदी की पढाई का फैसला लिया, उनके इस फैसले से घर वाले काफी नाराज थे।

हिंदी कविता को नई पीढी से जोड़ने वाले रॉकस्टार कवि कुमार विश्वास की लोकप्रियता दिनों-दिन बढती ही जा रही है। उनके फैंस में हर उम्र के लोग शामिल हैं, उनके कवि सम्मेलनों में जबरदस्त भीड़ देखने को मिलती है, कुमार एक कार्यक्रम के लिये लाखों रुपये चार्ज करते हैं। 50 वर्षीय कुमार विश्वास प्रेम रस के कवि हैं, हालांकि उनकी खुद की प्रेम कहानी भी बेहद दिलचस्प है।

प्रेम में पड़ लिखनी शुरु की कविताएं
कुमार विश्वास ने इंजीनियरिंग की पढाई बीच में छोड़ हिंदी की पढाई का फैसला लिया, उनके इस फैसले से घर वाले काफी नाराज थे, हालांकि उन्होने दुनिया की परवाह नहीं की, फिर साल 1994 में राजस्थान के एक कॉलेज में हिंदी लेक्चरर बन गये, वहीं उनकी मुलाकात मंजू शर्मा से हुई, मंजू उसी कॉलेज में भूगोल की लेक्चरर थी, कुमार और मंजू एक-दूसरे को पसंद करने लगे। दोनों का प्यार परवान चढा फिर दोनों ने शादी कर ली, हालांकि जाति अलग होने की वजह से दोनों के घर वालों ने इनका विरोध किया, लेकिन कुछ समय बाद दोनों के घर वाले ने इस रिश्ते को रजामंदी दे दी।

क्या करती हैं कुमार विश्वास की पत्नी
मंजू शर्मा पहले लेक्चरर थी, लेकिन कुमार विश्वास के राजनीति में एंट्री के बाद वो उन्हें सपोर्ट करती थी, और घर तथा बच्चों की जिम्मेदारी संभालती थी, हाल ही में मंजू को राजस्थान की गहलोत सरकार ने राजस्थान लोक सेवा आयोग का सदस्य बनाया है, उनकी सैलरी की बात करें, तो उनकी सालाना कमाई 10.5 लाख रुपये है।

करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं कुमार
कुमार विश्वास ने 2014 के अपने चुनावी हलफनामे में बताया था कि उनके पास 2.58 करोड़ रुपये की संपत्ति है, हालांकि इस बात को अब 6 साल बीत चुके हैं, यानी इसमें और इजाफा हो गया होगा, तब उन्होने अपनी वार्षिक आमदनी 27 लाख रुपये बताया था, हालांकि कुमार अब कवि सम्मेलनों में कहते हैं कि वो 1 करोड़ रुपये टैक्स देते हैं, इसके साथ ही उनके पास फॉर्च्यूनर और इनोवा कार है। कुमार के पास गाजियाबाद में एक कोठी है, जिसकी कीमत 90 लाख रुपये है, साथ ही ऋषिकेश में दो फ्लैट है, जिसकी कीमत 12 लाख रुपये है। कुमार इन दिनों अपने केवी कुटीर को लेकर चर्चा में हैं, जो उन्होने अपने पैतृक गांव पिलखुआ में बनवाया है, लॉकडाउन के दौरान विश्वास यहीं समय गुजारते दिखे थे।