Kumar Vishwas

कुमार विश्वास ने बताया कि क्या कहने वाले का कलेजा होगा और क्या सुनने वाले का जब्त होगा, वो आदमी जिसे नासिर और टीटो सलाम करते थे, वो आदमी जिसे अमेरिका और रुस अपने खेमे में लेना चाहते थे।

हिंदी के जाने-माने कवि और राजनेता कुमार विश्वास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो देश के महान राजनीतिक हस्ती, पहले प्रधानमंत्री की बात करते दिख रहे हैं, उन्होने ये वीडियो इसी साल 29 जून को ट्वीट करते हुए लिखा था, असली गांधी हो, नेहरु हो, नेताजी सुभाष हो, लोहिया हो, जयप्रकाश हो, शास्त्री जी हो, पूर्वजों को वोट बैंक या बाजार के हिसाब से नहीं पूजना चाहिये, हमारी औकात नहीं कि हम अपने महान पूर्वजों के उन परिस्थितियों के लिये निर्णयों पर तपसरा करें, अतीत पर रोना नहीं चिंतन करना चाहिये और सीखना चाहिये।

पुराना वीडियो
आपको बता दें कि ये वीडियो पुराना है, जिसमें कुमार विश्वास जश्न-ए-रेखता में बोलते दिख रहे हैं, वो पहले प्रधानमंत्री नेहरु जी से जुड़ा एक किस्सा सुना रहे हैं, वो कहते हैं कि नेहरु जी का जन्मदिन था, सारे बड़े कवि आये हुए थे हिंदुस्तान के, बच्चन साहब ने कवि गोष्ठी रखी थी, नागार्जुन भी किसी काम से हरिवंश राय बच्चन से मिलने पहुंचे थे। इंदिरा जी नागार्जुन को पहले भी सुन चुकी थी।

नागार्जुन को बुलाया
वीडियो में कुमार विश्वास बता रहे हैं कि इंदिरा जी ने जब बच्चन साहब के घर नागार्जुन को देखा, तो कहा कि आप भी चलिये, ताकत देखिये, हिंदुस्तान का इतना बड़ा मसीहा… आज के लोगों की तो क्या ताकत होगी, कुछ भी फैला लो, उनके बारे में, हिंदुस्तान की आजादी की आंखों में भाखड़ा नांगल बांध और आईआईटी, आईआईएम का ख्वाब देने वाला आदमी आपको पसंद नहीं है, तो ये आपकी दिक्कत है।

नौजवान नागार्जुन ने कविता पढी
कुमार विश्वास ने बताया कि क्या कहने वाले का कलेजा होगा और क्या सुनने वाले का जब्त होगा, वो आदमी जिसे नासिर और टीटो सलाम करते थे, वो आदमी जिसे अमेरिका और रुस अपने खेमे में लेना चाहते थे, वो आदमी जो गांधी का दत्तक पुत्र माना जाता था, उस आदमी को सामने बिठाकर एक नौजवान नागार्जुन ने कविता पढी, वतन बेचकर पंडित नेहरु फूले नहीं समाते हैं, फिर भी गांधी की समाधि पर झुक-झुक फूल चढाते हैं, और ये कविता नेहरु ने सुनी, उन्होने ये नहीं कहा कि इन्हें ईडी का समन भेज दो, उनके घर सीबीआई और पुलिस भेज दो।

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