jitin prasad bjp

जितिन प्रसाद कांग्रेस के कद्दावर नेता जितेन्द्र प्रसाद के बेटे हैं, जितेन्द्र प्रसाद दो प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव के राजनीतिक सलाहकार रहे थे।

सिंधिया के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी की टीम के एक और सदस्य का विकेट गिरा है, कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री जितिन प्रसाद आज बीजेपी में शामिल हो गये हैं, केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जितिन को पार्टी की सदस्यता दिलाई, यूपी चुनाव से पहले ये बड़ा उलटफेर माना जा रहा है।

क्या कहा
बीजेपी में शामिल कराने के बाद पीयूष गोयल ने कहा कि यूपी की राजनीति में जितिन प्रसाद की भूमिका अहम होने वाली है, वहीं जितिन प्रसाद ने कहा कि मैंने सात-आठ साल में अनुभव किया है कि असल मायने में कोई संस्थागत राजनीतिक दल है, वो भारतीय जनता पार्टी है, बाकी राजनीतिक पार्टी तो व्यक्ति विशेष और क्षेत्र के होकर रह गये हैं। पूर्व मंत्री ने कहा कि जिस चुनौतियों और परिस्थितियों का देश इन दिनों सामना कर रहा है, उससे निपटने के लिये अगर कोई उपयुक्त दल है, तो वो भाजपा है, और कोई उपयुक्त नेता है, तो वो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी हैं, कांग्रेस में रहकर अब काम करना मुश्किल हो रहा था, मुझे उम्मीद है कि बीजेपी के माध्यम से मैं लोगों की सेवा कर पाऊंगा।

कौन है जितिन प्रसाद
जितिन प्रसाद कांग्रेस के कद्दावर नेता जितेन्द्र प्रसाद के बेटे हैं, जितेन्द्र प्रसाद दो प्रधानमंत्री राजीव गांधी और पीवी नरसिम्हा राव के राजनीतिक सलाहकार रहे थे, 2000 में उन्होने कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव सोनिया गांधी के खिलाफ लड़ा था, हालांकि हार गये थे, फिर 2001 में उनका निधन हो गया। पिता के राजनीतिक विरासत को जितिन ने संभाला, 2001 में यूथ कांग्रेस से जुड़े, 2004 में पार्टी ने शाहजहांपुर से टिकट दिया, और वो संसद पहुंचे, यूपीए-1 में मनमोहन सिंह ने उन्हें मंत्री बनाया, वो मंत्री बनने वाले सबसे युवा चेहरों में से एक थे। 2009 में धौरहरा सीट से लड़े और जीते, यूपीए-2 में जितिन प्रसाद को पेट्रोलियम और सड़क-परिवहन मंत्रालय में राज्य मंत्री की जिम्मेदारी मिली, 2014 चुनाव वनो हार गये, इसके बाद साइडलाइन हो गये।

मिल रहा था तवज्जो
जब से यूपी कांग्रेस की कमान प्रियंका गांधी के हाथ में आई है, तब से जितिन प्रसाद किनारे हो गये हैं, उन्होने कई बार खुले मंच से भी अपनी अनदेखी की बात कही, लेकिन किसी ने भी कुछ खास ध्यान नहीं दिया, जिसके बाद उन्होने अब पार्टी छोड़ने का फैसला लिया है।

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