Nitish Manjhi

सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात से एक दिन पहले ही पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने राजद को धमकी देते हुए कहा था कि यदि लालू की पार्टी ने अपना रवैया नहीं बदला, तो राह बदल सकते हैं।

बिहार में 6 महीने बाद विधानसभा चुनाव है, लेकिन विपक्ष में टकराव देखने को मिल रहा है, इसी बीच मंगलवार देर शाम महागठबंधन के घटक दल हम मुखिया जीतन राम मांझी ने सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात की है, दोनों के बीच मुलाकात काफी देर तक चली, आपको बता दें कि मांझी ने महागठबंधन की मुख्य दल राजद को चेतावनी दी थी कि अगर जल्द से जल्द समन्वय समिति नहीं बनाया गया, तो हम आगे अपना राह देख लेंगे।

बड़ा फैसला लेने के लिये आजाद
मालूम हो कि सीएम नीतीश कुमार से मुलाकात से एक दिन पहले ही पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने राजद को धमकी देते हुए कहा था कि यदि लालू की पार्टी ने अपना रवैया नहीं बदला, तो मार्च के बाद हम बड़ा फैसला लेने के लिये आजाद होंगे, नीतीश और मांझी की इस मुलाकात को महागठबंधन में जारी टकराव से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

मांझी ने दी सफाई
हालांकि अपनी इस मुलाकात पर जीतन राम मांझी ने सफाई देते हुए कहा कि वो अपनी विशेष सुरक्षा दस्ता में की गई कटौती को लेकर सीएम से मिलने पहुंचे थे, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में करीब 50 मिनट तक बातचीत हुई, मांझी की पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान ने इसे दो नेताओं के बीच विकास के मुद्दे पर सामान्य मुलाकात बताया, उन्होने ये भी स्वीकार किया, कि जब दो राजनेता मिलते हैं, तो राजनीति की बात होती ही है, इस मुलाकात में क्या बातें हुई, इसे लेकर बिहार में सियासी पारा चढा हुआ है।

महागठबंधन में फूट
आपको बता दें कि चुनावी साल में महागठबंधन पूरी तरह से एक नहीं दिख रही है, हम के साथ-साथ रालोसपा ने भी तेवर दिखाने शुरु कर दिये हैं, राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव खुद रांची के अस्पताल (जेल) में हैं, तो उनकी गैर मौजूदगी में पार्टी संभाल रहे तेजस्वी यादव वैसी सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं, जिसके वजह से गठबंधन के सहयोगी दलों में असंतोष का भाव बढ रहा है।

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