एक हादसे ने बदल दी हेमंत सोरेन की जिंदगी, ऐसे हुई राजनीति में एंट्री

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दुर्गा सोरेन के मौत के अगले ही दिन हेमंत मीडिया के सामने आये, उन्होने बताया कि दुर्गा रात को सोने चले गये थे, लेकिन सुबह उठे ही नहीं।

झारखंड विधानसभा चुनाव के परिणाम सामने आ चुके हैं, पांच साल बाद एक बार फिर से सोरेन परिवार झारखंड की राजनीति का सत्ता केन्द्र बन गया है, सोमवार को आये नतीजों में शिबू सोरेन के मंझले बेटे हेमंत नये क्षत्रप बनकर उभरे हैं, वो प्रदेश के नये मुख्यमंत्री होंगे, अपने बड़े भाई दुर्गा सोरेन की मौत के बाद हेमंत की सक्रिय राजनीति में प्रवेश हुआ, नहीं तो गुरुजी का असली राजनीतिक उत्तराधिकारी दुर्गा सोरेन को ही माना जाता था।

भाई का निधन
21 मई 2009 को शिबू सोरेन के बड़े बेटे और झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव दुर्गा सोरेन की बोकारो सिटी में अपने निवास पर संदेहास्पद स्थितियों में मौत हो गई थी, हालांकि डॉक्टरों ने 39 साल के दुर्गा के निधन का कारण किडनी फेल होना बताया था, कहा गया था कि झामुमो महासचिव बहुत शराब पीने लगे थे और उन्हें कई तरह की बीमारियों ने घेर लिया था।

हेमंत ने कही थी ये बात
दुर्गा सोरेन के मौत के अगले ही दिन हेमंत मीडिया के सामने आये, उन्होने बताया कि दुर्गा रात को सोने चले गये थे, लेकिन सुबह उठे ही नहीं, हम पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत के कारण के बारे में कुछ बता पाएंगे, दूसरी ओर बोकारो जनरल अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया था कि जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तो उनका शरीर अकड़ चुका था और ठंडा हो चुका था, डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था।

संदेहास्पद मौत
बोकारो एसपी लक्ष्मण प्रसाद सिंह ने दुर्गा सोरेन की मौत पर संदेह जताया था, क्योंकि उनके सिर के पीछे चोट के निशान थे, साथ ही बिस्तर के पास खून के छीटें मिले थे, हालांकि मामले की ज्यादा जांच नहीं हुई, दुर्गा की पत्नी सीता सोरेन बाद में विधायक बनीं, इस बार भी उन्होने जीत हासिल की है, कहा जाता है कि दुर्गा के निधन के बाद ही हेमंत सोरेन की राजनीतिक सक्रियता बढी, बाद में वो गुरुजी के उत्तराधिकारी बन गये।

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