सांसद ओवैसी ने अपने साथ हुए एक घटना का जिक्र करते हुए हंसराज भारद्ववाज के निधन पर शोक जताया है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व केन्द्रीय कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज का बीते दिन निधन हो गया, आज शाम दिल्ली के निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, उनके निधन पर देश के कई दिग्गजों ने शोक जाहिर की है, तो एआईएमआईएम मुखिया असदुद्दीन ओवैसे ने अपने पुराने दिनों को याद कर दिग्गज नेता को श्रद्धांजलि दी है।

ओवैसी ने जताया अफसोस
सांसद ने अपने साथ हुए एक घटना का जिक्र करते हुए हंसराज भारद्ववाज के निधन पर शोक जताया है, उन्होने पुराने दिनों को याद करते हुए ट्वीट किया, उन्होने लिखा हंसराज भारद्वाज के निधन की खबर पाकर मन दुखी हुआ, वो जमीन से जुड़े हुए शख्स और एक महान कानून मंत्री थे, साल 2004-05 में उन्होने देशवासियों के बीच संविधान की भावना को बढावा देने के लिये मुझे देशभर की यात्रा करने के लिये प्रोत्साहित किया था।

मुझे छुड़ाया था
इसके साथ ही ओवैसी ने एक और ट्वीट में लिखा, 2013 में मुझे गलत आधार पर अनावश्यक रुप से गिरफ्तार किया गया था, तब तत्कालीन गवर्नर हंसराज भारद्वाज के हस्तक्षेप करी वजह से ही मुझे और मेरे साथ गिरफ्तार किये गये लोगों को छोड़ा गया था, हमने आज एक माननीय व्यक्ति को खो दिया, उनके दोस्तों और परिजनों के प्रति मेरी संवेदना है।

राहुल गांधी के खिलाफ खोला था मोर्चा
हंसराज भारद्वाज कर्नाटक से आने वाले कांग्रेस के कद्दावर नेता माने जाते थे, केन्द्रीय कानून मंत्री के साथ-साथ वो कर्नाटक और केरल के राज्यपाल भी रहे, उनकी गिनती उन कांग्रेस नेताओं में की जाती है, जिन्होने खुलकर राहुल गांधी के खिलाफ आवाज उठाई, 2018 में उन्होने कहा था कि मैं राहुल गांधी को एक नेता के रुप में स्वीकार नहीं करता।

चिदंबरम के खिलाफ भी बयानबाजी
इसके अलावा उन्होने 2जी स्कैम मामले में पी चिदंबरम को आरोपी ठहराया था, उन्होने मनमोहन सिंह को क्लीन चिट देते हुए कहा था कि 2 जी घोटाला चिदंबरम का किया धरा ही है, उन्होने ये भी खुलासा किया था कि डीएमके पी चिदंबरम की सांठगांठ होने के कारण ही सिब्बल ने उनकी चाहत के अनुसार काम किया, क्योंकि पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम प्रधानमंत्री बनना चाहते थे।

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