कमलनाथ सरकार के पास कुछ घंटे, राज्यपाल से मिला अल्टीमेटम, इतने घंटों में साबित करें बहुमत, नहीं तो..

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कांग्रेस के पूर्व नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी पार्टी के प्रति बागी हो चले हैं और भगवा रंग में रंग चुके हैं. सिंधिया के साथ अन्य पार्टी विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया है. जिस वजह से कमलनाथ सरकार पर सकंट के बादल छा चुके हैं. मध्य प्रदेश में कमलनाथ की सरकार अब कुछ वक्त के लिए ही देखी जा रही है क्योंकि, ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि, जैसे ही फ्लोर टेस्ट होगा वैसे ही राज्य में कमलनाथ सरकार गिर जाएगी. 16 मार्च को फ्लोर टेस्ट होने वाला था पर नहीँ हुआ. जिसे लेकर अब राज्यपाल लालजी टंडन ने कल ही बहुमत साबित करने का अल्टीमेटम दे दिया है.

राज्यपाल ने कमलनाथ को भेजा अल्टीमेटम
बता दें, 16 मार्च को ही कमलनाथ सरकार का फ्लोर टेस्ट होना था जो नहीं पाया. इसके बाद राज्यपाल लालजी टंडन (Lalji Tandon) ने पत्र के साथ अल्टीमेटम जारी किया है जिसमें कहा गया है कि, 17 मार्च को ही बहुमत साबित करो और अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपको अल्पमत मान लिया जाएगा.

राज्यपाल के आदेश का नहीं किया पालन
पत्र के जरिए राज्यपाल ने सीएम कमलनाथ से कहा कि, अगर आप सदन में शक्ति परीक्षण नहीं करते हैं तो यह मान लिया जाएगा कि, आपके पास बहुमत नहीं है. मालूम हो कि, इससे पहले भी राज्यपाल ने निर्देश जारी किया था जिसका पालन नहीं किया गया. इसके संदर्भ में भी राज्यपाल ने अपने पत्र में लिखा कि, मेरे पत्र दिनांक 14 मार्च 2020 का उत्तर आपसे प्राप्त हुआ है. धन्यवाद, पर मुझे खेद है कि, पत्र का भाव/भाषा संसदीय मर्यादाओं के अनुकूल नहीं है. मैंने आपसे पत्र के जरिए 16 मार्च को बहुमत साबित करने के निर्देश दिए थे. पर जब आज विधानसभा का सत्र प्रारंभ हुआ तो मैंने अपना अभिभाषण पढ़ा, पर आपकी तरफ से विश्वास मत प्राप्त करने के लिए कोई भी कार्यवाही शुरू नहीं की गई और न ही आपकी तरफ से प्रयास किया गया. इस कारण सदन की कार्यवाही दिनांक 26 मार्च 2020 तक स्थगित हो गई.mpआपको बता दें, राज्यपाल ने अपने पत्र में ऐसी कई बातों का जिक्र किया है जिसका पालन कमलनाथ सरकार ने नहीं किया. साथ ही उन्हें अल्टीमेटम दे दिया है और अब ये देखना होगा कि, कल यानि 17 मार्च को कमलनाथ सरकार बहुमत साबित कर पाने में सफल होती है या फिर फ्लोर टेस्ट से भागने की कोशिश करती है. अगर 17 मार्च को भी कमलनाथ बहुमत से पीछे हटते हैं तो हो सकता है कि, उनकी सरकार गिर जाए.

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