इससे पहले बुधवार को राज्यपाल कलकत्ता विश्वविद्यालय भी गये थे, तो वहां भी उन्हें ना तो वाइस चांसलर मिले और ना ही रजिस्ट्रार, कुछ देर तक वीसी के ऑफिस के बाहर बैठे रहे।

पश्चिम बंगाल के गवर्नर जगदीप धनखड़ ममता सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गये थे, दरअसल राज्यपाल का आरोप है कि ममता सरकार में उनकी बात नहीं सुनी जाती है, सीएनएन न्यूज-18 की रिपोर्ट के अनुसार राज्यपाल जब विधानसभा पहुंचे, तो वहां कोई नहीं था, राज्यपाल वहां की लाइब्रेरी का जायजा लेना चाहते थे, लेकिन विधानसभा सत्र ना होने की वजह से ये बंद थी।

जायजा लेने आया था
राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने कहा कि मैं यहां इसलिये पहुंचा हूं, ताकि यहां की ऐतिहासिक इमारत को देख सकूं, लाइब्रेरी जा सकूं, लेकिन विधानसभा का सत्र नहीं चल रहा, इसका ये मतलब नहीं है कि विधानसभा भी बंद हो, सचिवालय खुला हुआ है, हालांकि गेट नंबर एक पर धरने पर बैठे राज्यपाल कुछ देर बाद गेट नंबर दो से भीतर गये।

कलकत्ता यूनिवर्सिटी भी गये थे
इससे पहले बुधवार को राज्यपाल कलकत्ता विश्वविद्यालय भी गये थे, तो वहां भी उन्हें ना तो वाइस चांसलर मिले और ना ही रजिस्ट्रार, कुछ देर तक वीसी के ऑफिस के बाहर बैठे रहे, फिर वापस लौट गये। आपको बता दें कि बीते कुछ दिनों से ममता सरकार और राज भवन में कुछ फाइलों पर दस्तखत को लेकर तनातनी चल रही है।

पार्टी के एजेंट
जहां एक तरफ टीएमसी का आरोप है कि राज्यपाल एक पार्टी विशेष के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं, वो जानबूझ कर कुछ विधेयकों पर दस्तखत नहीं करते हैं, फाइलों को रोक लेते हैं, तो वहीं राजभवन का कहना है कि वो रबर स्टाम्प राज्यपाल नहीं हैं, जो बिना कुछ सोचे-समझे ऐसे ही कहीं भी हस्ताक्षर कर देंगे।

https://twitter.com/CNNnews18/status/1202459647598137344

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