दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा है, दरकिनार करने का बिल्कुल भी सवाल नहीं उठता।

कांग्रेस से इस्तीफा देकर नई पारी खेलने की तैयारी में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने महसूस किया था कि पार्टी उन्हें साइडलाइन कर रही है, जिसकी वजह से उन्होने पद और पार्टी दोनों से इस्तीफा देने का फैसला लिया, इसी मामले पर पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह से कई सवाल पूछे गये, उनसे पूछा गया कि सिंधिया का पार्टी छोड़ने का असली कारण क्या है, क्या वाकई उन्हें किनारे किया जा रहा था, इस पर एनडीटीवी से बात करते हुए दिग्गी राजा ने अपनी बात रखी।

दिग्गी राजा ने क्या कहा
दिग्विजय सिंह ने ट्विटर पर लिखा है, दरकिनार करने का बिल्कुल भी सवाल नहीं उठता, बल्कि आप एमपी के ग्वालियर चंबल क्षेत्र में किसी भी कांग्रेस नेता से व्यक्तिगत तौर पर पूछ सकते हैं, आपको मालूम पड़ जाएगा, कि पिछले 16 महीनों में उनकी सहमति के बिना इस क्षेत्र में कुछ भी नहीं किया गया, दुखद, लेकिन मैं उन्हें मोदी-शाह के संरक्षण के तहत शुभकामनाएं देता हूं।

आज बीजेपी में होंगे शामिल
मालूम हो कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है, उनके बीजेपी में शामिल होने के कयास लगाये जा रहे हैं, कहा जा रहा है कि सिंधिया 12 मार्च को बीजेपी का दामन थाम सकते हैं, इन सबके बीच कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल हैं, क्योंकि सरकार के साथ रहे 21 विधायकों ने भी इस्तीफा दे दिया है, ये सभी सिंधिया खेमे के माने जाते हैं।

बैठकों का दौर जारी
दिल्ली से भोपाल तक बैठकों का दौर जारी है, दिल्ली में बीजेपी चुनाव समिति की बैठक हुई, जिसमें पीएम मोदी, अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा शामिल हुए, चुनाव समिति की बैठक खत्म हो चुकी है, होली के दिन बगावत की शुरुआत सुबह साढे 10 बजे के आस-पास हुई, जब वो अमित शाह के साथ पीएम मोदी से मुलाकात करने पहुंचे, दोनों अमित शाह की गाड़ी में एक साथ दिखे, सिंधिया ने इस्तीफा देते हुए कहा है कि वो कांग्रेस में रहकर अपने प्रदेश और देश की सेवा नहीं कर सकते।

सोनिया गांधी ने निकाला
कुछ देर बाद ही कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने ज्योतिरादित्य को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निकाल दिया, सारा विवाद एमपी की राज्यसभा सीट को लेकर बढा है, कांग्रेस की एक सीट पर तो जीत तय मानी जा रही है, लेकिन दूसरी के लिये उसे बाहर के दो विधायकों की जरुरत थी, कहा जा रहा है कि सिंधिया वो सीट चाहते थे, जो एकदम पक्की है, लेकिन उसे दिग्विजय सिंह के लिये रखा गया है।

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