बताया जा रहा है कि बीजेपी के इस दावे के पीछे इंटरनल सर्वे है, जो सोमवार को पूर्वी दिल्ली में हुई पीएम मोदी की रैली के ठीक बाद कराई गई है।

दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिये गुरुवार 6 फरवरी की शाम को प्रचार थम जाएगा, ऐसे में बीजेपी का पूरा फोकस अब चुनावी माइक्रो मैनेजमेंट (बूथ स्तर) पर है, बीजेपी नेताओं का कहना है कि पूर्व अध्यक्ष और होम मिनिस्टर अमित शाह तथा यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ की रैलियों के बाद दिल्ली में बीजेपी के पक्ष में माहौल बना, फिर पीएम मोदी की रैलियों ने बीजेपी का पलड़ा भारी कर दिया है।

इंटरनल सर्वे
बताया जा रहा है कि बीजेपी के इस दावे के पीछे इंटरनल सर्वे है, जो सोमवार को पूर्वी दिल्ली में हुई पीएम मोदी की रैली के ठीक बाद कराई गई है, इस सर्वे के नतीजों के बाद बीजेपी उत्साहित नजर आ रही है, कहा जा रहा है कि शाहीन बाग, सर्जिकल स्ट्राइक और बाटला हाउस जैसे मुद्दों पर नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह से खुलकर बात रखी, उसका असर दिल्ली की जनता पर दिख रहा है।

कांटे का मुकाबला
एनबीटी में छपी रिपोर्ट के मुताबिक मोदी की रैली से पहले दिल्ली में जितने भी सर्वे कराये गये थे, उनमें बीजेपी दिल्ली में आम आदमी पार्टी को टक्कर देती दिख रही थी, लेकिन नतीजे केजरीवाल की पार्टी के पक्ष में दिख रहे थे, फिर पहले योगी उसके बाद पीएम मोदी की रैलियों के बाद मुकाबला टसल हो गया है, नतीजे अब बीजेपी के पक्ष में झुकने लगे हैं, सबसे खास बात ये है कि इस सर्वे में कांग्रेस को भी कुछ सीटें मिलती दिख रही है।

किसको कितने सीटें
रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार देर शाम कराये गये इस सर्वे में बीजेपी को 27 सीटें मिलने की संभावना है, वहीं सत्ताधारी आम आदमी पार्टी को 26 और कांग्रेस को 8 सीटें मिलती दिख रही है, कुछ सीटों पर बीजेपी को बेहद कड़ा मुकाबला मिल रहा है, पार्टी इन सीटों को चिन्हित कर उस पर मेहनत कर रही है, पार्टी नेताओं के अनुसार ये सर्वे सोमवार की रैली के बाद की है, जबकि मोदी ने मंगलवार को द्वारका में भी एक बड़ी जनसभा की है, जिससे वेस्ट दिल्ली के ग्रामीण इलाकों में बीजेपी को फायदा मिलने की उम्मीद है।

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