दिल्ली चुनाव के लिये आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने भी कमर कस ली है, ऐसे में बीजेपी के इस दांव के बाद दोनों पार्टियों का क्या रुख होता है, ये देखने वाली बात होगी।

केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने शुक्रवार तीन जनवरी से दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों में संपत्ति के मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरु कर दी है, केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इसकी शुरुआत 20 लोगों को रजिस्ट्री के दस्तावेज सौंप कर की, दिल्ली चुनाव के लिये आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने भी कमर कस ली है, ऐसे में बीजेपी के इस दांव के बाद दोनों पार्टियों का क्या रुख होता है, ये देखने वाली बात होगी।

संपत्ति का पंजीकरण
केन्द्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप पुरी ने दिल्ली के एलजी अनिल बैजल और डीडीए के उपाध्यक्ष तरुण कपूर की मौजूदगी में पहले 20 लाभार्थियों को संपत्ति के दस्तावेज सौंपे, इन लोगों ने 18 दिसंबर को संपत्ति के मालिकाना हक के लिये आवेदन किया था, 16 दिसंबर से ही ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरु हो गयी है।

अब तक आवेदन
हरदीप पुरी ने बताया कि अब तक 57 हजार आवेदन आ चुके हैं, जैसे-जैसे आवेदकों के दस्तावेजों की जांच और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया पूरी होती जाएगी, वैसे-वैसे मालिकाना हक और पंजीकरण प्रमाण पत्र लाभार्थियों को मिलते जाएंगे, इसके लिये तेजी से काम जारी है।

मालिकाना हक का प्रमाण पत्र डीडीए द्वारा
केन्द्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि डीडीए ने अनाधिकृत कॉलोनियों के भू-उपयोग में परिवर्तन किया है, इसलिये मालिकाना बक का प्रमाण पत्र डीडीए द्वारा दिया जा रहा है, पंजीकरण शुल्क दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग को अदा किया जाएगा, उन्होने बताया कि शुल्क के एवज में मिलने वाली राशि से विशेष विकास कोष बनाया गया है, इससे इन कॉलोनियों में विकास कार्य होंगे, आपको बता दें कि मोदी सरकार ने संसद द्वारा अलग से पारित कानून के माध्यम से प्रधानमंत्री उदय योजना के तहत दिल्ली की 1731 कॉलोनियों को नियमित किया है।

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