mansukh

मांडविया ने कार्यक्रम के दौरान अपने औचक निरीक्षण की आपबीती सुनाई, उन्होने बताया कि वो एक आम मरीज की तरह बेंच पर बैठे, तो गार्ड ने उन्हें डंडा मारा, और कहा कि यहां नहीं बैठना है।

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बताया कि बीते दिनों जब वो दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में औचक निरीक्षण करने आम मरीज बनकर पहुंचे, तो बेंच पर बैठने के दौरान एक गार्ड ने उन्हें डंडा मारा, इतना ही नहीं उन्हें अस्पताल में अव्यवस्था भी देखने को मिली, स्वास्थ्य मंत्री ने ये बातें गुरुवार को उसी अस्पताल में स्वास्थ्य संबंधी 4 सुविधाएं शुरु करने के दौरान साझा की, उन्होने व्यवस्था में सुधार कर इसे देश का मॉडल अस्पताल बनाने का निर्देश दिया।

किस वजह से गार्ड ने मारा डंडा
मांडविया ने कार्यक्रम के दौरान अपने औचक निरीक्षण की आपबीती सुनाई, उन्होने बताया कि वो एक आम मरीज की तरह बेंच पर बैठे, तो गार्ड ने उन्हें डंडा मारा, और कहा कि यहां नहीं बैठना है। स्वास्थ्य मंत्री ने देखा कि अस्पताल में एक 75 साल की बुजुर्ग महिला अपने बेटे के लिये स्ट्रेचर के लिये परेशान हो रही थी, लेकिन गार्ड ने उनकी मदद नहीं की, उन्होने कहा कि इमरजेंसी ब्लाक में और गार्ड तैनात किये जाने चाहिये, ताकि ऐसे लोगों की मदद की जा सके।

पीएम ने क्या पूछा
मंत्री ने डॉक्टरों से कहा कि उन्होने इस औचक निरीक्षण का अनुभव पीएम मोदी से भी साझा किया, पीएम को जब पूरी बात बताई तो उन्होने पूछा कि क्या जिस गार्ड ने डंडा मारा, तो उसे निलंबित कर दिया, तो उन्होने जवाब में कहा, नहीं, क्योंकि वो व्यवस्था को बेहतर बनाना चाहते हैं, अस्पताल और डॉक्टर एक ही सिक्के के दो पहलू हैं, मांडविया ने कोरोना काल में डॉक्टरों द्वारा किये गये कार्यों की सराहना की।

कब की है घटना
मालूम हो कि ये बात बीते 24 अगस्त की रात की है, जब आम मरीज बनकर मांडविया सफदरजंग के इमरजेंसी ब्लॉक में पहुंचे थे, इसके बाद उन्होने सीजीएचएस की एक डिस्पेंसरी का भी औचक निरीक्षण किया, उन्होने गुरुवार को भी अस्पताल में मरीजों से बातचीत की, सुविधाओं के बारे में पूछा, इससे पहले बुधवार को भी उन्होने आरएमएल अस्पताल में औचक निरीक्षण किया था।

Read Also – RSS के करीबी, मोदी-शाह के गुड बुक में हैं शामिल, जानिये कितनी संपत्ति के मालिक हैं भूपेन्द्र पटेल